कानपुर। राष्ट्रवादी उद्घोष के महाकवि भूषण की जन्मभूमि टिकवांपुर सरकारी उपेक्षा और बदहाली का शिकार है। महाकवि भूषण फाउंडेशन के अध्यक्ष रवींद्र कुमार मिश्र विपिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना का नाम बदलकर महाकवि भूषण तापीय विद्युत परियोजना करने की मांग की है। इसमें स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की भी अपील की है।
उन्होंने कहा कि जिस धरती ने औरंगजेब के खिलाफ शिवाजी और महाराजा छत्रसाल के भीतर राष्ट्रभक्ति की भावना जगाई आज वही गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी होने से महिलाओं को प्रसव के समय परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अपना नवनिर्मित पैतृक आवास राज्य सरकार को दान करते हुए इसे प्रसूति केंद्र और अस्पताल में परिवर्तित करने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी की पहल पर महाकवि की जन्मस्थली को अवैध कब्जों से मुक्त कराकर आंगनबाड़ी और पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं लेकिन स्मृति बगिया अभी भी गंदगी से पटी है। हमीरपुर रोड से गांव को जोड़ने वाला करीब एक किलोमीटर मार्ग अतिक्रमण की चपेट में है। अमृत सरोवर भी बदहाल हैं। उन्होंने सांसद देवेंद्र सिंह भोले की ओर से स्मृति द्वार और स्मृति स्थल निर्माण की पहल की सराहना करते हुए भवन जीर्णोद्धार और ऑडिटोरियम निर्माण की आवश्यकता जताई। विधायक सरोज कुरील से सड़क, स्वास्थ्य और तालाबों की समस्याओं के समाधान की अपेक्षा की।