रूरा। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी घायल किशोरी की बुधवार को लखनऊ में मौत हो गई थी। गुरुवार को परिजन ने रिश्तेदारों के आने की बात कह अंतिम संस्कार नहीं किया था। शुक्रवार सुबह रिश्तेदारों के आने के बाद परिजन ने गांव में ही किशोरी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
परिजन गुरुवार को लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव लाए थे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने परिजन को ढांढस बंधाया था। परिजन ने गुरुवार को रिश्तेदारों के न आ पाने के चलते अंतिम संस्कार नहीं किया था। शुक्रवार सुबह 10 बजे के करीब अकबरपुर सीओ संजय सिंह, थानाध्यक्ष अमित शुक्ला व चौकी इंचार्ज रजनीश वर्मा की मौजूदगी में परिजन ने गमगीन माहौल में गांव स्थित खेत पर ही किशोरी का दफन कर दिया।
बता दें कि 10 अक्तूबर की रात में किशोरी संदिग्ध हालत में घायल हो गई थी। मामले में 30 नवंबर को किशोरी के पिता ने रूरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि 10 अक्तूबर को किशोरी अपनी छोटी बहन के साथ बाजार से घर आ रही थी। तभी गांव के आशिक ने बेटी को रास्ते से अपने घर में खींचकर यौनशोषण कर मारपीट की और उसका मोबाइल तोड़ दिया। बेटी के आपबीती बताने पर वह उल्हाना देने गया तो आरोपी के पिता हबीब ने गाली-गलौज की। इससे क्षुब्ध बेटी ने आत्महत्या का प्रयास किया।
मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद तीन दिसंबर को पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इधर बुधवार को किशोरी की किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। थानाध्यक्ष अमित शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को परिजनों ने किशोरी के अंतिम संस्कार कर दिया है। गांव में किसी प्रकार का माहौल खराब न हो और पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात है।