रनियां। करबक में जल जीवन मिशन की टंकी दो साल बाद भी अधूरी है। पाइप लाइन डालने का काम भी बीच में रुका है। इस गर्मी घरों में पेयजल की आस लगाए लोगों को मायूसी मिली है।
जल जीवन मिशन में हर घर नल से जल कार्यक्रम में टंकी बनाने का काम हो रहा है। 3.67 करोड़ रुपये की लागत से 250 किलोलीटर क्षमता की टंकी के जरिए करबक व छह मजरों की 4 हजार से अधिक आबादी को पेयजल आपूर्ति की जानी है। पेयजल योजना का काम 20 मार्च 2023 को शुरू हुआ था। एक वर्ष में काम पूरा करने का लक्ष्य था। मगर कार्यदायी बीपीएल का काम सुस्त रहा। हालात ये हुए कि 19 मार्च 2024 को काम पूरा नहीं हो सका।
इधर कंपनी से समय सीमा को बढ़वा दिया। इसके बाद दूसरा साल बीतने पर भी टंकी अधूरी है। पाइप लाइन डालने का काम भी बीच में रुका है। इधर दो साल से करीब 4 हजार की आबादी टोंटी से घरों में पेयजल आपूर्ति की आस लगाए है। इस गर्मी में पानी मिलेगा इसकी उम्मीद थी लेकिन मायूसी हाथ लगी। कार्य की निगरानी कर रहे जल निगम के अफसर भी संजीदा नहीं है। इसकी वजह से एक साल से काम बंद है। जल निगम के सहायक अभियंता संजय सिंह ने बताया कि बजट के अभाव में कार्य रुका हुआ है।
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13 किलोमीटर बिछाई जानी है पाइप लाइन
करबक, सिहुराभावन, जोगीपुर, बखरा, गदनापुर, मड़ैया, मदारन के करीब 800 से अधिक घरों में टोंटी से पानी पहुंचाने के लिए करीब 13 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी है। मगर यह काम पूरा नहीं हो सका है। जगह-जगह खोदाई करके काम छोड़ दिया गया है।
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हैंडपंप से पानी भरना मजबूरी
गर्मी में हैंडपंप कम पानी देने लगते हैं। बिजली समय से आती नहीं है। गर्मी में दूर लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ रहा है।
- विशाल यादव
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दो साल बाद भी टंकी अधूरी
करबक में पानी टंकी के निर्माण होने के बाद लोगों को पानी की किल्लत से आस जगी थी। दो साल बाद भी टंकी अधूरी है।
- पूजा देवी