कानपुर देहात। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल की गई है। अब प्रधानाध्यापकों की हर माह समीक्षा की जाएगी, ताकि शैक्षिक गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। जिले के 1922 परिषदीय विद्यालय इस दायरे में आएंगे।
खंड शिक्षा अधिकारी हर माह के चौथे शनिवार को प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में प्रधानाध्यापक अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। शैक्षिक गतिविधियों में हुए सुधार और आवश्यक कदमों पर चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य शैक्षिक कार्यों को और बेहतर बनाना है। इसी आधार पर रैंकिंग भी की जाएगी। सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं दे रही है। शैक्षिक गतिविधियों के मूल्यांकन से जमीनी स्तर पर बच्चों को मिल रहे लाभ का आकलन होगा।
राज्य परियोजना निदेशक ने इस संबंध में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक बैठक का कार्यवृत्त प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। जानकारों के अनुसार समीक्षा पर जोर इसलिए दिया जा रहा है ताकि पढ़ाई अच्छे तरीके से हो सके। इसका मुख्य लक्ष्य परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गतिविधियों को प्रभावी बनाना है। यह पहल शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार लाने का एक प्रयास है।
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समीक्षा बैठक के यह होंगे मुख्य बिंदु
बैठकें ब्लॉक संसाधन केंद्र पर खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक और एआरपी के साथ होंगी। इसमें कक्षा पांच तक निपुण लक्ष्य और शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा कराने पर चर्चा होगी। चयनित विद्यालयों में टैबलेट, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी के रखरखाव की जानकारी ली जाएगी। कक्षा शिक्षण में इनके उपयोग पर भी जोर दिया जाएगा। एमडीएम के डेटा के आधार पर डिजिटल संसाधनों के शत-प्रतिशत उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा