कानपुर। आज की नारी कोमल है कमजोर नहीं...अरुणिमा सिन्हा जिन्होंने एक पैर से माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया, सुनीति चौधरी जिन्होंने मात्र 16 की उम्र में स्कूल में क्रांति ला दी...। कुछ ऐसी ही वीरांगनाओं के संघर्ष का प्रदर्शन जब मंच पर किया गया तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। मौका था श्री गोपाल जी महिला मंडल एवं सखी मंडल की ओर से सिविल लाइंस स्थित रागेंद्र स्वरूप ऑडिटोरियम में आदि शक्ति के मंचन का। यहां मंडल की सदस्यों ने अपनी प्रस्तुतियों से नारी के अलग-अलग रूपों को दर्शाया।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ पदाधिकारी संतोष बिहारी, रामकुमार, अमरनाथ, बद्री प्रसाद, अंजना, कमला, राधा ने दीप जलाकर किया। इसके बाद थीम के अनुसार आदि शक्ति पर आधारित प्रस्तुतियों की शुरुआत हुई। सभी सदस्यों ने एक साथ खड़े होकर आज की नारी कोमल है कमजोर नहीं का आह्वान किया। यहां पूर्वी, परी, सखी, अनमोल ने भारतीय वायु सेना की विंग कमांडर शिवांगी सिंह बनकर जज्बा दिखाया। इसके बाद सावित्री बाई फुले, केरल की वीरांगना चिनम्मा रानी, रानी लक्ष्मीबाई के कार्यों का मंचन कर सभी को भाव विभोर कर दिया। इस मौके पर अध्यक्ष सरिता, महामंत्री राधा गुप्ता, कोषाध्यक्ष संगीता गुप्ता, अंजना गुप्ता, स्वीटी, शिवा, शालिनी संगीता, वैभवी आदि मौजूद रहीं।