परिवार का खर्च चलाने के लिए अहमदाबाद में अनुज करता था मजदूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
इकदिल। कान में ईयर फोन लगाकर रील बना रहे दो दोस्तों के ट्रेन से कटकर शवों के चीथड़े उड़ गए, ऐसी घटना देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। दिवाली के त्योहार से एक दिन पहले घर का खर्च चलाने वाले दोनों दोस्तों की मौत होने के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरे गांव में त्योहार की खुशी की रौनक बैनूर हो गई। गमनीन माहौल के बीच दोनों मृतक दोस्तों का अंतिम संस्कार किया गया।
भूरे सिंह ने बताया कि बड़ा बेटा गोविंद टीबी की बीमारी से ग्रसित है। मंझला बेटा अनुज बड़े भाई का इलाज और घर का खर्च अहमदाबाद में मजदूरी करके चला रहा था। इसी गांव के निवासी दसरथ ने बताया कई सालों से अपने परिवार के साथ अहमदाबाद में तीन बेटों एक बेटी के साथ रहते हैं। करीब दो साल के बाद दिवाली पर अपने परिवार के साथ गांव में त्योहार मनाने के लिए आए थे।
गांव आने के बाद हमने अपने बड़े बेटे रंजीत खो दिया है, पहले मालूम होता तो हम गांव नहीं आते, रंजीत और अनुज दोनों दोस्तों में गहरा याराना था। दोनों साथ में पुताई पुट्टी का काम करते थे। शुक्रवार सुबह दोनों लोग ट्रैक पर मोबाइल से रील बनाने लगे, कान में ईयर फोन लगे होने के कारण ट्रेन के हार्न की आवाज सुनाई नहीं दी। रेलवे लाइन किनारे खेतों पर काम कर रहे ग्रामीणों ने भी आवाज लगाई। जबतक कुछ समझ पाते तब तक दोनों दोस्त ट्रेन की चपेट में आ गए।
दोनों की मौत होने पर पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले। दोनों दोस्तों का अंतिम संस्कार देखकर पूरा गांव शोक में डूब गया। पूरे गांव में दिवाली का त्योहार नहीं मना। दोनों का गांव में अंतिम संस्कार किया गया।