कानपुर। भाजपा नेता रवि सतीजा के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली युवती और उसकी बहन के कोर्ट में दिए बयान के बाद यह बात साफ है कि वे न तो रवि सतीजा को जानती हैं और न ही मुकदमे में प्रोटेस्ट दाखिल करने वाले अधिवक्ता बिलाल से परिचित हैं। उन्होंने व्यक्ति विशेष के कहने पर दबाव और डर के चलते मुकदमा दर्ज करा दिया था।
दो बहनों ने दिसंबर में बर्रा थाने में भाजपा नेता रवि सतीजा के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में मामला झूठा पाए जाने पर पुलिस ने एफआर दाखिल कर दी थी। इसके खिलाफ दोनों की ओर से प्रोटेस्ट दाखिल किया गया था। इसमें बिलाल नाम के वकील का वकालतनामा लगा था। इस मामले में दोनों के बयान दर्ज कराए गए तो उन्होंने रवि और बिलाल के बारे में कोई जानकारी होने से इन्कार कर दिया था।
अधिवक्ता के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। वहीं विवेचना के लिए अधिवक्ता और उसके मुंशी को कोतवाली बुलाया गया था लेकिन दोनों ने वकालतनामे में अधिवक्ता के हस्ताक्षर होने से इन्कार कर दिया। एक अन्य अधिवक्ता का नाम जांच में सामने आया है। पुलिस अब उसे भी पूछताछ के लिए बुलाएगी।