केडीए में इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग मैनेजमेंट सिस्टम का प्रजेंटेशन करते डीआईएमटीएस कंपनी के डीजीएम अतुल कुमार (ऊपर)। प्रजेंटेशन देखतीं केडीए वीसी जयश्री भोज,एसपी ट्रैफिक सर्वानन्द यादव व अन्य अधिकारी ।
- फोटो : amarujala
कानपुर। शहर के किसी चौराहे पर यदि भीड़ अधिक हैं, तो इससे पहले वाले चौराहे पर ही इसकी जानकारी हो जाएगी। केडीए ने आईआईटी के साथ मिलकर महानगर के ट्रैफिक को बेहतर बनाने की कवायद शुरू की है। मंगलवार को इस संबंध में बाहर से आई तीन प्राइवेट कंपनियों ने अपने अपने प्रजेंटेशन दिए। सभी ने तकनीकी रूप से ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर बनाने की बात कही।
शहर में कुल 75 चौराहे हैं, जिसका सर्वे करीब एक साल पहले हो चुका है। इसी सर्वे के आधार पर शहर का ट्रैफिक प्लान बनाने की योजना पर कार्य शुरू हुआ है। प्रजेंटेशन के दौरान बताया गया कि हर चौराहे पर स्क्रीन लगाई जाएगी। जिससे अगले चौराहे की ताजा स्थिति स्क्रीन पर नजर आती रहेगी। यदि अगले चौराहे पर भीड़ या किसी वजह से आवागमन में दिक्कत हैं, तो उसके आगे पीछे वाले चौराहे से ट्रैफिक को दूसरी और डायवर्ट करने में आसानी होगी।
इसी तरह जगह जगह इस तरह के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनसे रात के समय में भी वाहनों की मॉनीटरिंग की जा सके। इसके लिए एक कंट्रोल रूम भी बनेगा। जहां से सभी सीसीटीवी कैमरों और स्क्रीन को संचालित किया जाएगा। प्रजेंटेशन में जिन कंपनियों ने अपनी तकनीक के विषय में जानकारी दी, उनमें दिल्ली की ओनेक्स, जयपुर की शक्ति इंटरप्राइजेज और दिल्ली की डीआईएमटीएस शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रजेंटेशन को आईआईटीे के ट्रैफिक विशेषज्ञ प्रो. वासुदेवन ने परखा। ट्रैफिक सिस्टम को केडीए की तरफ से मॉनीटर कर रहे मुख्य अभियंता सरबत अली ने बताया कि दस मई तक एक कंपनी को फाइनल कर लिया जाएगा।