कानपुर देहात। खुले में पड़े क्रोमियम डंप होने से खानचंद्रपुर का भूजल दूषित होने के साथ लोगों के खून में मानक से अधिक क्रोमियम, मर्करी व फ्लोराइड पहुंच गया है। समय के साथ दूषित भूजल खानचंद्रपुर से सटे क्षेत्र को प्रभावित करने लगा है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच के दायरे को और बढ़ाया जा रहा है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की टीम अब नए क्षेत्र चिह्नित कर लोगों के खून व पेशाब की जांच करेगी।
रनियां में खानचंद्रपुर-मटियामऊ मार्ग पर करीब 20 साल तक 95000 मीट्रिक टन क्रोमियम अपशिष्ट डंप रहने से भूजल दूषित हो गया। मामले में एनजीटी के निर्देश के बाद जिम्मेदारों की ओर से क्रोमियम जैसे घातक तत्व का कई बार में उठान करवाया गया। इसके बावजूद भी डंप स्थल में रह गए मिट्टी मिश्रित क्रोमियम की उठान नहीं हो सकी है। इधर डंप स्थल पर हुए कई फीट गहरे गड्ढे में बारिश का पानी भर गया है। यह पानी समय के साथ भूजल में जा रहा है। इससे हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले तीन माह से करवाई गई खानचंद्रपुर व उमरन के लोगों की खून की जांच में सभी के खून में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनवरी माह में पाल पुरवा के 104 लोगों की जांच के लिए नमूने भेजे गए थे। मंगलवार को आई रिपोर्ट में सभी 104 लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया है। जबकि 29 लोगों में मानक से अधिक फ्लोराइड व दो में मर्करी पाया गया है।
इधर स्वास्थ्य विभाग ने जांच का दायरा बढ़ाकर रनियां के चार वार्ड से 120 लोगों के रक्त व पेशाब के नमूने लेकर जांच के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ व एम्स रायबरेली भेजे थे। इनकी जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। वहीं लगातार बढ़ रहे क्रोमियम, मर्करी व फ्लोराइड के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग जांच का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग खानचंद्रपुर, उमरन से सटे नए क्षेत्रों का चयन कर इन गांवों में शिविर लगाकर लोगों की जांच करवाएगा। जिससे यह स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि किस क्षेत्र तक घातक तत्व लोगों को शरीर में मानक से अधिक पहुंच चुके हैं।
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नहीं दिखते लोगों में लक्षण
- सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि खानचंद्रपुर व इससे सटे क्षेत्र में अभी तक लोगों के शरीर में क्रोमियम, मर्करी, फ्लोराइड व अन्य घातक तत्वों से होने वाले लक्षण देखने को नहीं मिल रहे हैं। जबकि जांच में लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम व अन्य घातक तत्व मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनजीटी के निर्देश के अनुसार लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। रनियां के चार वार्डों से लिए गए लोगों के रक्त व पेशाब के नमूनों की रिपोर्ट आने का इंतजार है।
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वर्जन..................
बुधवार को कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में लोगों के शरीर में क्रोमियम व अन्य घातक तत्वों को की स्थिति जानने व उपचार के लिए बैठक की गई थी। जिसमें जिले से नोडल डॉ. आशीष वाजपेयी भी शामिल हुए थे। विशेषज्ञों की ओर से जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही खानचंद्रपुर व इनसे सटे इलाकों को चिह्नित कर लोगों के रैंडम तरीके से रक्त व पेशाब के नमूने लेकर जांच करवाई जाएगी। जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि घातक तत्वों का प्रकोप खानचंद्रपुर से कितनी दूरी तक फैला है। इसके साथ ही लोगों के स्वास्थ्य से संबंधित एनजीटी के जो भी निर्देश आएंगे, उनका कड़ाई से पालन किया जाएगा। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ