कानपुर। निराश्रित और बेसहारा गोवंश की देखरेख में लापरवाही करना जिम्मेदारों को भारी पड़ गया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सरसैया घाट स्थित सभागार में गोशाला की बैठक में शिवराजपुर की गोशाला में हरा चारा और साइलेज उपलब्ध न कराने पर खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत और पंचायत सचिव का दिसंबर माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गोशाला संचालन में लापरवाही पर ग्राम प्रधान को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की सभी गोशालाओं में 31 दिसंबर तक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और इसकी सत्यापन रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी स्वयं उपलब्ध कराएं। डीएम ने कहा छोटी गोशालाओं में 6 कैमरे और बड़ी में 8 कैमरे लगाए जाए। सर्दी को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को निर्देशित किया कि सभी पशुओं को काऊ कोट पहनाए जाएं, अलाव, बंद शेड, पानी, बिजली, छाया और भूस की व्यवस्था हर हाल में पूरी हों।
वहीं, दो ठेकेदारों द्वारा भूसा सप्लाई न करने पर डीएम नाराज हो गए। उन्होनें भूसा सप्लाई न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों, विशेष संरक्षण अभियान और भरण-पोषण फंड की प्रगति की समीक्षा की गई। शिवराजपुर की गोशाला में साइलेज और हरा चारा न मिलने की हकीकत सामने आते ही डीएम ने तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, एसडीएम सदर अनुभव सिंह, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी आदि उपस्थित रहे।