आईआईटी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल सदस्य।
- फोटो : स्रोत : आईआईटी
कानपुर। आईआईटी कानपुर में मंगलवार को राष्ट्र प्रथम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर शब्बारुल हसन व आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल के साथ शिक्षकों और छात्रों ने सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि दी। आईआईटी निदेशक ने डीप टेक अनुसंधान का आह्वान किया। कहा कि तकनीक का सटीक इस्तेमाल देश के लिए परिवर्तनकारी बन सकता है।
उन्होंने बताया कि सस्टेनेबल शहरों के लिए एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत बिजली और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में टिकाऊ शहरी समाधान देने की दिशा में कार्य हो रहा है। गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलाॅजी और यदुपति सिंहानिया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण भी तेजी से कराया जा रहा है।
मुख्य अतिथि व स्टेशन कमांडर आर्मी और कानपुर छावनी बोर्ड ब्रिगेडियर शब्बारुल हसन ने भारत के सैन्य इतिहास पर चर्चा के दौरान ऑपरेशन कैक्टस, भारत-पाक युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताया। कानपुर के डिफेंस कॉरिडोर की रणनीतिक महत्ता और राष्ट्र निर्माण में सेना की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को राष्ट्र प्रथम की भावना बनाए रखनी चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को देनी चाहिए।
कार्यक्रम में डिप्टी डायरेक्टर प्रो. ब्रजभूषण, डीन फैकल्टी अफेयर्स प्रो. जितेंद्र बेरा, रजिस्ट्रार विश्व रंजन, प्रो. ताजदारुल हसन सैयद और डीन स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. प्रतीक सेन शामिल रहे।
कार्यक्रम में देशभक्ति आधारित गीत और कविता प्रतियोगिता का तीन आयु वर्गों में आयोजन किया गया। नौ से 12 वर्ष आयु वर्ग में प्रज्ञान वर्मा, वैष्णवी बोरा एवं शैली ओमर विजेता रहे। वहीं 13 से 18 वर्ष आयु वर्ग में छवि अग्रवाल, विरल यादव, सृष्टि सोनी ने बाजी मारी। इसके अलावा 19 से अधिक आयु के वर्ग में दीपक कुशवाहा, रुचि सिंह और प्रेमेंद्र पी. सिंह विजेता घोषित किए गए।