कानपुर। आईआईटी के पीएचडी छात्र रामस्वरूप ईशराम के शव का बुधवार को पोस्टमार्टम कराया गया। छठवीं मंजिल से कूदने की वजह से कूल्हे, पैर, सिर की करीब 11 हडि्डयां टूट गई थीं। कोमा में जाने के कारण उनकी जान गई।
बुधवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे ईशराम के चचेरे भाई राजेंद्र चौधरी ने बताया कि वह पढ़ाई में होनहार था उसने पहले ही प्रयास में आईआईटी में दाखिला लिया था। साथ ही वह एक बेहतरीन एथलीट भी था। कहा कि राम स्वरूप हाल ही में रिसर्च के लिए अपने साथी के साथ राजस्थान आया था। वहां उसने शोध के लिए कुछ सैंपल कलेक्ट किए और तीन माह की गर्भवती पत्नी मंजू और बेटी चारु को साथ लेकर लौट गया था। सुसाइड करने से कुछ समय पहले उसने पत्नी से लैब जाने की बात कही फिर लैब न जाकर पत्नी से बालकनी में चलने को कहा। बालकनी से कूदकर सुसाइड कर लिया। उन्होंने बताया कि जिस तरीके से उसने सुसाइड किया है उससे लगता है कि उस पर बहुत ज्यादा प्रेशर था।