इटावा/बकेवर। दांदरपुर गांव में कथावाचक की पिटाई मामले में एक नया तथ्य सामने आया है। पुलिस पर पथराव के मामले में मुख्य आरोपी गगन यादव का नाम पुलिस की विवेचना में शुभम यादव निकला है।
बता दें कि पिटाई के बाद गगन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से दांदरपुर गांव पहुंचने का आह्वान युवाओं से किया था। इसके बाद सैकड़ों लोग दांदरपुर जाने के लिए कानपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर पहुंच गए थे। रोकने पर पुलिस पर पथराव किया गया था। पुलिस की जांच में शुभम यादव नाम से मेरठ, गाजियाबाद समेत दो अन्य स्थानों का पता लिखा होने की जानकारी मिली है। पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है।
बकेवर थाना क्षेत्र के गांव दांदरपुर में 21 जून को जाति छिपाने के आरोप में कथावाचकों से मारपीट के साथ उनकी चोटी काटने के बाद सिर मुड़वा दिया गया था। 23 जून को इसका वीडियो वायरल होने के बाद कथावाचक संत कुमार यादव की तहरीर पर दो नामजद और करीब 50 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
24 जून को कथा में यजमान बने दंपती ने कथावाचकों पर जाति छिपाकर भावनाओं को ठेस पहुंचाने व महिला यजमान के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने जाति छिपाने के आरोप में कथावाचक मुकट मणी और संत सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
इस बीच खुद को इंडियन रिफॉर्मर्स ऑर्गनाइजेशन का संस्थापक बताने वाले गगन यादव ने सोशल मीडिया पर 26 जून को दांदरपुर गांव पहुंचने का आह्वान किया था। इस पर औरैया, मैनपुरी, शाहजहांपुर, हरदोई, कन्नौज, फतेहपुर समेत 10 से 15 जिलों से बड़ी संख्या में युवक गांव पहुंचने के लिए कानपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर जमा हो गए थे।
पुलिस ने उन्हें हाईवे से तितर बितर कर दिया था। इसके बावजूद 100-150 युवक गांव जाने वाले रास्ते पर पहुंच गए थे। इन युवकों ने पुलिस टीम पर पथराव किया था। पुलिस को आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। इस मामले में पुलिस ने गगन यादव समेत 20 नामजद और करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने 19 लोगों को उसी दिन गिरफ्तार किया था लेकिन गगन यादव फरार है। वीडियो से दो अन्य लोगों की पहचान की गई। उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अभी तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले की विवेचना कर रहे प्रभारी निरीक्षक अपराध भरथना कोतवाली अरिदमन सिंह ने बताया कि विवेचना में पता चला है कि गगन यादव का असली नाम शुभम यादव है। उसके दस्तावेजों के आधार पर मेरठ, गाजियाबाद के अलावा दो अन्य स्थानों के पते सामने आए हैं। सभी जगहों पर दबिश देकर गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। अन्य की भी वीडियो के आधार पर पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।