रनियां (कानपुर देहात)। औद्योगिक इकाइयों के मजदूरों में वेतनवृद्धि को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते करीब पांच दिन से औद्योगिक इकाइयों के मजदूर विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगों को रख रहे हैं। बृहस्पतिवार को रनियां स्थित प्लास्टिक धागा बनाने वाली फैक्टरी व रायपुर की एक फैक्टरी के मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया। अधिकारियों के समझाने व प्रबंधन के मांगों को मानने के बाद मजदूर काम पर लौटे।
एक के बाद एक करके फैक्टरियों के कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार सुबह सात बजे के करीब जीपीएल फैक्टरी में सुबह की शिफ्ट वाले मजदूर गेट पर पहुंचे, वहीं रात शिफ्ट छूट रही थी। दोनों शिफ्टों के मजदूरों ने वेतन बढ़ाने के लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर एडीएम अमित कुमार, एसडीएम नीलिमा यादव, सीओ संजय सिंह, भोगनीपुर थानाध्यक्ष सतीश सिंह ने मौके पर पहुंचकर मजदूरों से वार्ता की।
अधिकारियों और फैक्टरी प्रबंधन की ओर से वार्ता के बाद एडीएम अमित कुमार ने 26 दिन के 475 रुपये दिलाने, सप्ताह में एक दिन अवकाश, बड़े त्योहार में बोनस दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद रात शिफ्ट वाले मजदूर घर को निकल गए। वहीं, करीब ढाई घंटे के बाद सुबह शिफ्ट वाले मजदूर काम पर लौटे। यहां पुलिस मामला शांत करा पाई थी इसी बीच 11 बजे के करीब उमरन के पास स्थित आरपी पॉलीपैक फैक्टरी में मजदूरों ने गेट पर धरना शुरू कर दिया।
मजदूरों की ओर से पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने मजदूरों की प्रबंधन के बीच वार्ता करवाई। दोपहर बाद मजदूरों की मांगों पर प्रबंधन की सहमति बन गई। फैक्टरी प्रबंधन की ओर से एचआर सुमित कक्कड़ की हस्ताक्षर युक्त शासन से निर्धारित वेतन की सूचना फैक्टरी के मुख्य गेट पर चस्पा की गई। इसके बाद मजदूरों ने हड़ताल बंद कर काम शुरू किया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी पल्लवी सिंह ने बताया कि दोनों फैक्टरियों के मजदूरों की मांगों पर प्रबंधन की सहमति हो जाने के बाद मजदूर काम पर लौट गए हैं।