कानपुर। हंसपुरम की किशोरी को बेचने के मुख्य आरोपी सौरभ गुप्ता को रिमांड पर लेकर राजस्थान गई नौबस्ता पुलिस खाली हाथ लौट आई है। पुलिस को उम्मीद थी कि सौरभ की निशानदेही पर वह किशोरी को खरीदकर शादी करने वाले नारथम तक पहुंच जाएगी। हालांकि ऐसा न हो सका। अब रिमांड के आखिरी और पांचवें दिन पुलिस बुधवार को आरोपी सौरभ और पीड़िता का आमना-सामना करा सकती है। साथ ही सुमन और उसकी बेटी पलक तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि सोमवार को पुलिस टीम को नारथम का बायोडाटा हाथ लगा था। इसमें राजस्थान के झुंझनू का पता लिखा था। पते के आधार पर टीम वहां पर पहुंची, लेकिन घर पर ताला लगा मिला। पुलिस टीम ने पड़ोसियों से उसके बारे में पूछा तो पता चला कि उसकी एक बहन अधिवक्ता है। उससे भी संपर्क करने का प्रयास टीम ने किया लेकिन असफल रही। टीम ने वहां रुककर आरोपी नारथम और उसके परिवार वालों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन उनके बारे में कुछ खास हासिल नहीं हो सका। उसने एक संदेश जरूर भेजा जिसके माध्यम से सुमन और उसकी बेटी पलक के बारे में कुछ अहम जानकारी हाथ लगी हैं।