फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: होली के बाद अस्पतालों में बढ़ी त्वचा रोगियों की संख्या

विज्ञापन
ओपीडी में मरीजों को दवाइयां लिखते डॉ हरदीप सिंह। संवाद
विज्ञापन
राजपुर। होली का उत्सव खत्म हो चुका है लेकिन केमिकल युक्त रंगों का असर अस्पतालों की ओपीडी में दिखने लगा है। त्वचा पर चकत्ते, जलन, खुजली और आंखों में लालिमा जैसी शिकायतों के रोगियों में इजाफा हो रहा है। वहीं मौसम में हो रहे बदलाव ने भी लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन



होली के बाद मौसम में तेजी से गरमाहट से त्वचा में सूखापन (ड्राइनेस) होने से खुजली और लाल चकत्ते होने की समस्या लोगों को परेशान कर रही है। इस समस्या के मरीजों की संख्या में दोगुना इजाफा हो गया है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इससे पीड़ित हैं। खतरनाक दाद व खुजली की वजह से रात में मरीज सो तक नहीं पा रहे हैं। सोमवार पीएचसी की ओपीडी में मरीजों की भरमार रही। 175 मरीजों में ज्यादातर त्वचा संबंधी समस्या से पीड़ित रोगी इलाज कराने पहुंचे।
चिकित्सकों के मुताबिक केमिकल रंगों का उपयोग करने से त्वचा रोग के मरीजों में इजाफा हुआ है। डॉ. हरदीप सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में ओपीडी में 110 से 120 मरीज आते थे लेकिन होली के बाद यह संख्या बढ़कर 160 से 170 तक पहुंच गई है। इनमें से लगभग 40 प्रतिशत मरीज रंगों से चेहरे पर चकत्ते, दाने और एलर्जी जैसी समस्याओं के साथ आए हैं। पीएचसी अधीक्षक डॉ. सलिल सचान ने बताया कि केमिकल रंगों में भारी धातु और अन्य हानिकारक पदार्थ मिले होते हैं जो त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे मरीजों को एंटी-एलर्जिक दवाएं, क्रीम और आई ड्रॉप्स दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें