कानपुर। खाड़ी देशों के तनाव ने कानपुरवासियों की नींद उड़ा दी है। शहर से काम करने या घूमने के लिए गए लोग वहां फंसे हुए हैं। वे मिसाइलों और इंटरसेप्टर धमाकों की आवाजों के बीच डर के साये में जीने को मजबूर हैं। दुबई के अल कुओज, दीरा, मरीना और जबर अली जैसे इलाकों में रहने वाले परिवारों का कहना है कि आसमान में हो रही हलचल और सायरन की आवाजों ने उन्हें बेचैन कर दिया है। 100 से ज्यादा परिवारों ने दुबई, आबूधाबी, कतर, कुवैत आदि जगह की बुकिंग कैंसल करा दी है।
नौबस्ता निवासी विशाल गुप्ता दुबई में एक निजी लोन कंपनी में जॉब करते हैं। दुबई एयरबेस के पास ही उनका ऑफिस है। विशाल के अनुसार दिन-रात आ रहीं मिसाइलों की आवाजों से दिल दहल उठता है। विशाल के पिता प्रेम नारायण गुप्ता ने बताया कि दुबई का माहौल सही नहीं है। हम चाहते हैं कि बेटा घर वापस आ जाए। सरकार वहां फंसे लोगों को बुलवा ले। प्रेम नारायण ने बताया कि उनका बेटा होली और अपनी शादी की पहली सालगिरह के लिए 28 फरवरी को आने वाला था, लेकिन माहौल खराब होने के चलते उसकी फ्लाइट कैंसल हो गई। दो मार्च को उसकी शादी की पहली सालगिरह है। बेटे से फोन पर बात होती है तो वह बताता है कि वहां कई जगह आग लगी है।
जबल अली में रहने वाले सोनी परिवार ने बताया कि वह काफी वर्षों से दुबई में काम कर रहे हैं। पहली बार ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है। थोड़े दिन घर के बेसमेंट में रहे। जब लगा कि अब यहां सुरक्षित नहीं है तो होटल में जाकर रहने लगे। हालात ठीक होते ही घर वापस लौटेंगे। सड़कों पर ज्यादा हलचल नहीं है। सभी कार्यालयों को निर्देशित किया गया है कि तीन दिन तक वर्क फ्रॉम होम कराएं। लोगों से अपील की गई कि वे जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलें।
अलबरशा में रहने वाले कानपुर के बेकनगंज निवासी मकसूद अहमद ने बताया कि बैलिस्टिक मिसाइलों की आवाजों से लोगों में डर का माहौल है। यहां की सरकार की ओर से हर थोड़ी-थोड़ी देर में एक एसएमएस शांति बनाए रखने और घरों से बाहर न निकलने के लिए भेजा जा रहा है। रमजान का महीना है तो लोग नमाज और तरावीह के लिए भी बाहर जा रहे हैं। अभी-अभी मैसेज मिला है कि स्कूलों में होने वाली परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं।
ट्रैवल एजेंसी संचालक लकी अरोड़ा ने बताया कि लोगों ने दुबई, आबूधाबी की फ्लाइट कैंसल करानी शुरू कर दी हैं। डर के चलते कोई भी अब दुबई जाना नहीं चाहता है। आबूधाबी में पर्यटकों के रहने और खाने-पीने का इंतजाम वहां की सरकार कर रही है।
ट्रैवल एजेंसी संचालक शारिक अल्वी ने बताया कि सऊदी अरब, उमराह घूमने गए पर्यटक डरे हुए हैं। सात से 10 दिन के लिए गए लोगों को फ्लाइट न होने के चलते वहीं रुकना पड़ रहा है। सिर्फ एक ही सऊदी एयरलाइंस चल रही है। अगर वे आते हैं तो उन्हें अलग से टिकट खरीदना होगा।