कानपुर देहात। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं की वजह से पारा गिरने का सिलसिला जारी है। रात का पारा लुढ़क 4.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इधर कोहरे का प्रकोप जारी है। इससे मटर, लाही, सरसों व आलू की फसल को नुकसान है।
मौसम वैज्ञानिक फिलहाल मौसम इसी तरह का रहने की संभावना जता रहे हैं। अधिकतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 5.3 डिग्री कम रहा। हालांकि सोमवार की तुलना में अधिकतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस का सुधार दिखा। जबकि न्यूनतम तापमान का पारा लुढ़क कर 4.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्यिसस कम रहा। उत्तर पश्चिम दिशा से 2.2 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाओं ने परेशान किया। सीएसए के मौसम वैज्ञानिकों को पूर्वानुमान है कि आगामी पांच दिनों में आसमान साफ रहने के कारण वर्षा की कोई संभावना नहीं है। सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि सुबह व रात में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। शीतलहर का प्रकोप जारी रहने की संभावना है।
कोहरे से सरसों की फलियां सिकुड़ी
सरवनखेड़ा। एक पखवाड़े से गिर रहे कोहरे से आलू, चना, लाही, सरसों की फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि कोहरे से सरसों की फलियों का दाना कमजोर हो गया है। फलियां सिकुड़ गई हैं। आलू की फसल भी प्रभावित हो रही है। सैंथा निवासी लक्ष्मीकांत मिश्रा ने बताया कि दस बीघे खेत में सरसों की फसल बो रखी है। कोहरे से फसल को नुकसान हो रहा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि लगातार कोहरे से सरसों व गेहूं की फसलों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया बाधित हो गई है। फसल में कीट व रोग लगने का खतरा भी है। संवाद