सरवनखेड़ा। चढ़ते तापमान के बीच कृषि वैज्ञानिक मूंग की फसल में सिंचाई कर खेत में नमी रखने की सलाह दे रहे हैं। वहीं राजकीय नलकूपों से किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। फसल बचाने को लेकर किसान चिंतित हैं।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव बिल्टी में किसानों की फसल सिंचाई के लिए करीब 25 वर्ष पहले 93 एजी राजकीय नलकूप स्थापित कराया गया था। नलकूप के आस-पास की करीब 100 बीघे फसल की सिंचाई के लिए यही एक मात्र साधन था। किसानों ने बताया कि साढ़े तीन महीने पहले मोटर खराब होने से नलकूप बंद पड़ा है। आज तक इसे ठीक नहीं कराया गया है। जिम्मेदारों की अनदेखी से किसानों की खेतों के खड़ी मूंग की फसल सूख रही है।
किसान हिमांशु सिंह ने बताया कि साढ़े तीन माह से नलकूप ठप है। कई बार अधिकारियों से फरियाद के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि नलकूप के सहारे उन्होंने तीन बीघे मूंग की फसल बोयी थी परंतु सिंचाई के लिए पानी न मिलने से फसल सूखने की कगार पर है। किसान राकेश कमल ने बताया कि उन्होंने तीन बीघे खेत में मूंग की फसल बोयी थी। फसल को सिंचाई की आवश्यकता है परंतु मोटर खराब होने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। तापमान में भारी बढ़ोतरी के बाद कृषि वैज्ञानिक मूंग की फसल में हल्की सिंचाई करने की सलाह तो दे रहे हैं।