कानपुर देहात। परिवहन विभाग की 52 से ज्यादा सेवाएं फेसलेस ऑनलाइन हैं। यानी इन सेवाओं के लिए परिवहन विभाग कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। अपने स्मार्ट फोन या फिर किसी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) में कुछ शुल्क देकर इन सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। इसके बाद भी परिवहन विभाग के तमाम काम बिना बिचौलियों के नहीं हो रहे हैं। इसके पीछे एक कारण जानकारी का अभाव भी है। इसका फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं।
एआरटीओ कार्यालय के बाहर बिचौलियों के लिए कई अस्थायी ठिकाने हैं। इसके अलावा कुछ फोटो कॉपी और फॉर्म विक्रेताओं की भी दुकानें हैं। जहां से बिचौलिए अपना काम करते हैं। लर्निंग लाइसेंस की सरकारी फीस 150 रुपये है लेकिन बिचौलिए इसके लिए 500 रुपये तक लेते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन या अन्य संशोधन के लिए 200 रुपये तय हैं लेकिन बिचौलिए 700 रुपये तक वसूलते हैं। वहीं, ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण की सरकारी फीस 200 रुपये है इसके लिए बिचौलिए एक हजार रुपये तक ले रहे हैं। वाहन ट्रांसफर, एनओसी और चालान जैसी सेवाओं में भी बिचौलियों का हस्तक्षेप है।
10 सितंबर को प्रयागराज आरटीओ के औचक निरीक्षण के दौरान एआरटीओ कार्यालय के बाहर अभियान चलाकर अस्थायी ठिकानों को हटवाया गया था। अब फिर से यहां फोटो कॉपी आदि का काम किए जाने के नाम पर ठेले आदि पर दुकानें सज गई हैं। इसे बिचौलियों ने अपना ठिकाना बना लिया है। काम के लिए आने वाले आवेदकों को यह यहीं घेर लेते हैं और जल्दी काम कराने के नाम पर अतिरिक्त धनराशि की वसूली करते हैं। पुखरायां से अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए आए राशिद ने बताया कि बाहरी व्यक्ति ने दो दिन में काम कराने की बात कही है। हालांकि चार दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक काम नहीं हो सका है। उसने सर्वर न चलने की बात कहकर अब 18 अक्तूबर को आने को कहा है।
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बयान.................
कार्यालय में बाहरी व्यक्तियों के आना मना है। इसके लिए समय-समय पर निरीक्षण करते हुए उपस्थित व्यक्तियों से पूछताछ की जाती है। विभाग से अधिकांश फेसलेस सेवाएं ऑनलाइन है, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाता है। इसके बावजूद अगर किसी आवेदक को कोई निर्धारित फीस अतिरिक्त धनराशि की मांग करता है तो उसकी शिकायत कर सकते हैं। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - प्रशांत तिवारी, एआरटीओ, प्रशासन