उन्नाव। एंटी करप्शन टीम द्वारा तीन दिन पहले खनन विभाग के लिपिक सहित तीन को 20 हजार की घूसखोरी में पकड़े जाने के मामले में अब निरीक्षक भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। पीड़ित वाहन स्वामी ने एंटी करप्शन टीम को दिए गए शिकायतीपत्र में खनन निरीक्षक पर जुर्माना जमा करने के पांच दिन बाद भी डीएम को रिपोर्ट न भेजने का आरोप लगाया है। एफआईआर में इसका जिक्र किया है।
23 जुलाई को एंटी करप्शन टीम ने खनन विभाग से घूसखोरी में विभागीय लिपिक संतोष कुशवाहा और अमित कुमार व रजनीकांत शर्मा को पकड़ा था। मामले में एंटी करप्शन के निरीक्षक विनोद कुमार ने कोतवाली में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें वाहन मालिक के शिकायतीपत्र का हवाला देते हुए बताया था कि लखनऊ निवासी शिकायतकर्ता अभिनव सिंह ने 21 जुलाई को थाना भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ को पत्र दिया था। इसमें बताया था कि उनके मौरंग लदे वाहन को 16 जुलाई की सुबह आठ बजे बक्सर में एआरटीओ ने पकड़कर थाना बारासगवर में खड़ा करा दिया था। एआरटीओ द्वारा किए गए चालान का जुर्माना उन्होंने जमा कर दिया था। इसके बाद एआरटीओ में वाहन को रिलीज के लिए अवमुक्त प्रमाणपत्र दे दिया था। इसके बाद भी इसकी रिपोर्ट खनन निरीक्षक ने डीएम को नहीं भेजी। जबकि नियमानुसार तुरंत रिपोर्ट भेजी जानी चाहिए थी। इसी कारण खनन विभाग में उनका वाहन रिलीज आर्डर लटकाए रखा गया और जारी करने के नाम पर 20 हजार की घूस मांगी गई।