झींझक थाना क्षेत्र में शादी की बात न बनने से हताश युवक रेल की पटरी में लेट गया। इस दौरान गश्त कर रहे जीआरपी के जवानों ने उसे देख लिया। सिपाहियों ने दौड़ लगाकर उसे पटरी से हटाकर परिजनों को सौंप दिया।
कानपुर देहात के झींझक क्षेत्र में शादी की बात नहीं बनने से दुखी युवक ने दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर झींझक स्टेशन के पास मालगाड़ी के सामने लेटकर जान देने का प्रयास किया। यह देख जीआरपी ने उसे पटरी से हटाकर बचा लिया। बाद में परिजनों को बुलाकर उसे घर भेज दिया।
विज्ञापन
झींझक रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर जीआरपी हेड कांस्टेबल कश्मीर सिंह, जंग बहादुर सिंह व आरपीएफ के रामनारायण गश्त कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर करीब तीन बजे कानपुर की तरफ से अप की लूप लाइन पर आ रही मालगाड़ी थी।
ट्रेन से करीब 50 मीटर दूरी पर डेरापुर के नुनारी निवासी गंगाराम का बेटा जयप्रकाश (28) पटरियों पर लेट गया। यह देख जीआरपी और अरपीएफ कर्मियों ने दौड़कर उसे पटरियों से हटा लिया। पुलिस कर्मियों के द्वारा उसे समझाया गया और परिजनों को सूचना दी गई।
जीआरपी चौकी प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि जयप्रकाश को लेने आए उसके बहनोई रूरा के भारत सिंह का पुरवा निवासी ध्रुव प्रताप ने बताया कि जयप्रकाश की शादी की बात चल रही थी। इसके बाद में बात नहीं बनी। इसी से दुखी होकर उसने आत्महत्या करने की कोशिश की।