पिता ने बेटी को रोककर बात करने का प्रयास किया
चार फेरे हुए थे, तभी शबनम के पिता एसएस यादव थाने पहुंच गए। उन्होंने फेरे ले रही बेटी को रोककर बात करने का प्रयास किया। मगर युवती ने हाथ झटक कर किसी भी सूरत में उनकी बात करने से इंकार कर दिया। युवती ने पिता ने थाने के अंदर जाकर पुलिस से शादी रोकने की गुहार लगाई। फेरे कार्यक्रम होने के बाद प्रेमी युगल थाने के बाहर निकल रहा था। तभी दोबारा पिता ने बेटी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुकी।
तेरह मिनट में निपटी शादी और आशीर्वाद कार्यक्रम
युवती के पिता के थाने पहुंचकर शादी रोकने के चलते जल्दबाजी में फेरे और आशीर्वाद कार्यक्रम संपन्न हुआ। शुक्रवार दोपहर लगभग 12 बजकर 33 मिनट पर पहला फेरा शुरू हुआ और पौने एक बजे फेरे एवं आशीर्वाद कार्यक्रम संपन्न होकर प्रेमी युगल थाने से चले गए। थाने के मंदिर में एक दूसरे को माला पहनाकर शादी करने की बात तो कई बार सामने आई। लेकिन पहली बार बाकायदा पुजारी की मौजूदगी में अग्नि के सात फेरे लेकर शादी करना चर्चा का विषय बना रहा।
पिता ने किया हंगामा, दरोगा पर लगाए आरोप
युवती के पिता एसएस यादव ने बेटी द्वारा थाना परिसर में शादी किए जाने पर पुलिस पर आरोप लगाए। युवती के पिता दरोगा देवेंद्र प्रसाद पर काफी भड़के। पिता ने कहा कि जब उनकी बेटी थाने में पहुंची थी, तो उन्हें भी थाने बुलाना चाहिए था, लेकिन बिना उन्हें बुलाए ही उनकी बेटी को युवक के साथ जाने दिया गया। यही नहीं उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में शादी होने का आरोप लगाया। कहा कि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक प्रेमी युगल के थाने में आने की जानकारी मिली। जानकारी करने पर पता चला कि दोनों बालिग है। इनके परिवार के लोगों को संबंधों पर आपत्ति थी। दोनों को डर था कि परिवार वाले कोई फर्जी मुकदमा न लिखा दें, इस पर थाने आकर सुरक्षा की मांग की थी। दोनों एक पंडित को लेकर आए, थाने में सांकेतिक शादी की है। जो आरोप लगाए गए हैं, उसकी पुष्टि नहीं हुई है। जो भी प्रार्थना पत्र मिलता है, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -चारु निगम, एसपी