कानपुर देहात। जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर में स्थापित किए गए एलटू अस्पताल में रात के समय ताला बंद कर दिया जाता है। डॉक्टर व कर्मचारी ड्यूटी नहीं करते हैं, जबकि अस्पताल में लगातार ड्यूटी लगाई जा रही है। जो महज कागजों पर ही रह गई है।
जून में कोरोना के मामले कम होने के बाद केंद्रीय विद्यालय स्थित एल-वन अस्पताल को बंद कर दिया गया था। विभाग की ओर से जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर में संचालित एल-टू अस्पताल को चालू रखने के निर्देश दिए गए। यहां डॉ. अभय कुमार, स्टाफ नर्स सोनी, संजीत, चतुर्थ श्रेणी राजेंद्र, राजेश की ड्यूटी लगाई गई है। दिन में ट्रामा सेंटर खुला रहता है, लेकिन शाम होते ही अस्पताल में ताला पड़ जाता है।
बताया जाता है कि स्टाफ भी वहां से चला जाता है। ऐसे में अचानक कोरोना का गंभीर मरीज मिलने पर कैसे उसे इलाज दिया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को जारी किए आंकड़ों के मुताबिक जिले में फिलहाल आठ मरीज एक्टिव हैं। इनका होम आइसोलेशन में उपचार किया जा रहा है।
जिले में एक्टिव मरीज होने के बाद भी यह लापरवाही मरीजों को भारी पड़ सकती है। शनिवार रात एल-टू अस्पताल में ताला बंद मिला। आसपास कोई डॉक्टर व कर्मचारी भी नहीं मिला। जबकि कल ही एक कोरोना पीड़ित युवती को कानपुर रेफर किया गया था। इसके बाद भी लापरवाही की जा रही है।
एल-टू अस्पताल में डॉक्टर व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। ताला बंद होने की जानकारी मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। - डॉ. राजीव गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल पुरुष