हैलट में डायलिसिस यूनिट ठप होने से सुभाष (60) की जान चली गई। वेंटीलेटर पर चल रहे किडनी की बीमारी से पीड़ित सुभाष को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जा सकता था। वहीं, हैलट की डायलिसिस यूनिट में बिजली सप्लाई एक हफ्ते से है ही नहीं। डायलिसिस न होने से वृद्ध की मौत के मामले को हैलट प्रशासन ने दबा लिया।
दो दिन बाद इसका खुलासा हुआ। फीलखाना के घुमनी बाजार निवासी सुभाष को हॉर्निया की शिकायत थी। कुछ दिनों पहले केपीएम हॉस्पिटल में उसका ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद सुभाष को सांस लेने में दिक्कत हुई तो परिजन उसे लेकर कॉर्डियोलॉजी पहुंचे। यहां इलाज के बाद उन्हें हैलट भेज दिया गया।
हैलट में सुभाष को डॉ. विशाल गुप्ता की यूनिट में भर्ती कराया गया। जांच में पता चला कि सुभाष की किडनी खराब हो रही है। उसे सांस लेने में भी दिक्कत थी तो तत्काल वेंटीलेटर पर रखा गया। किडनी खराब होने की वजह से उसे तत्काल डायलिसिस कराने की जरूरत थी।
एक हफ्ते पहले उनकी हैलट में डायलिसिस हुई लेकिन बिजली चले जाने के कारण पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद डायलिसिस यूनिट में बिजली ही नहीं आई। रविवार बीतने के बाद डॉक्टरों को भरोसा था कि सोमवार को डायलिसिस यूनिट काम करने लगेगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
डायलिसिस यूनिट नहीं चली और सुभाष की हालत लगातार बिगड़ती गई। गुरुवार शाम सुभाष ने दम तोड़ दिया।
लेटर लिखा गया है ः डायलिसिस यूनिट के इंचार्ज और मेडिसिन विभाग के डॉ. विशाल गुप्ता ने कहा कि कुछ दिनों पहले डायलिसिस हो रही थी। तकरीबन एक हफ्ते से बिजली में दिक्कत के कारण यूनिट ठप पड़ी है। सुभाष को किडनी की दिक्कत के साथ सांस लेने में भी परेशानी थी।
वेंटीलेटर पर होने के कारण उसे दूसरी जगह शिफ्ट भी नहीं किया जा सकता था। डायलिसिस यूनिट में बिजली सप्लाई के लिए अधिकारियों को लेटर लिखा गया है।