कानपुर। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) की योजना के तहत वितरित की गई सब्सिडी में अनियमितताओं बुधवार को विधायक अरुण पाठक ने विधान परिषद में उठाया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विधायक ने बताया कि सरकार की ओर से संबंधित विभाग को आख्या उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
विधायक ने सदन को बताया कि वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक कानपुर में 625 इकाइयों को करीब 57 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। प्रारंभिक जांच में करीब छह करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी के वितरण में गड़बड़ी सामने आई है। विजिलेंस टीम की जांच में यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में फर्जी दस्तावेज लगाकर सब्सिडी स्वीकृत कराई गई है।
विधान परिषद सदस्य ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर की गई अनियमितताओं के कारण पात्र लाभार्थियों को योजना का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। कहा कि बैंक व उद्योग विभाग की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
अरुण पाठक ने कानपुर और कानपुर देहात में ऑटोमेटेड व्हीकल फिटनेस सेंटरों में वाहन मालिकों से की जा रही कथित अवैध व मनमानी वसूली के साथ बंदरों व आवारा कुत्तों के आतंक का मुद्दा उठाया। इस समस्या के निदान की मांग भी उठाई।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल एक ऑटोमेटेड व्हीकल फिटनेस सेंटर संचालित है, जबकि वाहनों की संख्या काफी अधिक है। इस कारण एकाधिकार की स्थिति बन गई है और संचालकों द्वारा मनमानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। मांग की गई कि महानगर में एक और ऑटोमेटेड व्हीकल फिटनेस सेंटर स्थापित किया जाए। बंदरों और आवारा कुत्तों के कारण आमजन में डर का माहाैल है। (ब्यूरो)