कानपुर। पुलिस, क्राइम ब्रांच के साथ अब आयकर विभाग भी महाठग मामले की जांच करेगी। गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने अब तक दर्ज हुई 28 एफआईआर, गवाहों के बयान, सबूत और अन्य दस्तावेज आयकर अधिकारियों से साझा कर दिए है। आयकर विभाग अपने स्तर पर रुपयों के ट्रांजेक्शन और क्रिप्टो करेंसी में हुए भुगतान की जांच कर सकेगा।
कोतवाली पुलिस ने 42.29 लाख रुपये की ठगी के इनामी आरोपी रविंद्रनाथ सोनी को देहरादून से गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में दुबई, मलेशिया, भारत, जापान समेत कई देशों के 700 से अधिक लोगों से निवेश के नाम पर 1500 करोड़ की ठगी का पता चला। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एसआईटी का गठन हुआ। आरोपी और उसके साथियों पर 28 एफआईआर दर्ज की गईं। रविंद्रनाथ सोनी की बनाई ब्लूचिप कंपनी के प्रचार प्रसार के लिए कई अभिनेताओं और खिलाड़ियों के यूएई में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी हुई। इनमें से कुछ अभिनेताओं को नोटिस भेजा जा चुका है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि आर्थिक मामला होने की वजह से आयकर और ईडी की नजर आरोपियों पर पहले से थी। कुछ दिन पहले आयकर अधिकारियों की ओर से पूरे मामले की रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज मांगे गए थे। गुरुवार को एसआईटी और पुलिस ने आयकर अधिकारियों को डिटेल दे दी।