कानपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, वैवाहिक, सिविल, मोटर दुर्घटना, राजस्व व आर्बिट्रेशन संबंधी वादों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। समझौते के आधार पर जहां पांच पति-पत्नियों के जोड़े एक बार फिर से मनमुटाव मिटाकर साथ रहने को राजी हो गए। वहीं, कई सालों से मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे पीड़ितों को बीमा कंपनी ने समझौता करके लाखों रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में भुगतान कर दिए। बैंक अधिकारियों ने भी लोन के मामलों में समझौते करके कोर्ट कचहरी की मुकदमेबाजी से पीड़ितों को बचा लिया।
केस -1
पनकी के रहने वाले पति और कन्नौज की रहने वाली पत्नी के बीच पारिवारिक मुद्दों को लेकर विवाद था। पत्नी ने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व भरण पोषण का मुकदमा दाखिल कर दिया था जबकि पति ने पत्नी को साथ रहने की इच्छा जताते हुए विदाई का मुकदमा दाखिल किया था। कई साल से चल रही मुकदमेबाजी के बीच दोनों पक्षों में समझौते की पहल हुई। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में इनके बीच समझौता होने के साथ ही पति-पत्नी साथ-साथ रहने को राजी हो गए।
केस- 2
कन्नौज के ग्राम अमरौली की रहने वाली पत्नी और कानपुर के जमरेही जामू निवासी पति के बीच मनमुटाव था। दोनों ने एक दूसरे के साथ न रहने की इच्छा जताते हुए समझौते के आधार पर तलाक का मुकदमा कोर्ट में दाखिल कर दिया था। पारिवारिक न्यायालय ने दोनों पक्षों को वैवाहिक संबंध बचाने के लिए छह महीने का एक मौका दिया। मध्यस्थता की कोशिश सफल हुई और राष्ट्रीय लोक अदालत में मनमुटाव खत्म कर पति-पत्नी एक बार फिर साथ रहने को राजी हो गए।
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इन मामलों में भी हुआ समझौता
केस एक::: नरवल के रहने वाले अभिषेक शिवहरे अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे। तभी कार की टक्कर से बुरी तरह से घायल हो गए थे। सड़क दुर्घटना में घायल होने पर अभिषेक ने क्षतिपूर्ति के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में वर्ष 2025 में वाद दर्ज कराया था। दुर्घटना करने वाला वाहन श्री राम जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमित था। राष्ट्रीय लोक अदालत में अभिषेक और बीमा कंपनी के अधिकारियों के बीच समझौता हो गया और बीमा कंपनी अभिषेक को साढ़े तीन लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने को राजी हो गई।
केस दो:::: महाराजपुर निवासी रज्जाक की 65 वर्षीय मां पैदल सड़क पर जा रही थी। ट्रैक्टर की टक्कर से उनकी मौत हो गई थी। रज्जाक ने वर्ष 2024 में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में क्षतिपूर्ति के लिए वाद दाखिल किया था। ट्रैक्टर श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमित था। राष्ट्रीय लोक अदालत में बीमा कंपनी के अधिकारियों और रज्जाक के बीच समझौता हो गया। बीमा कंपनी ने साढ़े छह लाख रुपए रज्जाक को देने पर सहमति जताई। इसके बाद मुकदमे का निस्तारण कर दिया गया।
लोक अदालत में निपटे 2.38 लाख वाद, 25.62 करोड़ की हुई वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर। सुलह-समझौते के आधार पर राष्ट्रीय लोक अदालत में दो लाख 38 हजार 336 मुकदमों का निस्तारण कर 25 करोड़ 62 लाख 95 हजार 177 रुपये वसूल किए गए। दीवानी न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज अनमोल पाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (दक्षिण) के पीठासीन अधिकारी ने 95, उत्तर ने 83, पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने पांच, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 36212, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 2290 मुकदमों का निस्तारण किया।
जनपद न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों ने कुल 81,493 मुकदमों का निस्तारण कर 17,86,06,684 रुपये वसूले। प्रीलिटीगेशन स्तर पर बैंक व टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 1105 मुकदमों का निस्तारण कर 7,76,88,493 रुपये वसूले गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने 155738 वादों का निस्तारण किया। इस दौरान प्राधिकरण सचिव सुदेश कुमारी, लोक अदालत की नोडल अधिकारी रश्मि सिंह, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र अवस्थी, महामंत्री बिनय अवस्थी लाॅयर्स एसोसिएशन अध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा, महामंत्री राजीव यादव उपस्थित रहे।