कानपुर। हाईवे के किनारे वाले 18 थानों के लिए बनाई गई क्रिटिकल कॉरिडोर टीम ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। बीते दिनों शहर में इसकी शुरुआत होने के बाद से अब तक दुर्घटना में मरने वालों की संख्या में 26 फीसदी की कमी आई है। बीते वर्ष नवंबर में सड़क दुर्घटना में 19 लोगों की जान गई थी। इस बार यह आंकड़ा 14 रहा। ऐसे में इसे और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। यह बात पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने रविवार को पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में एसीपी स्तर तक के अधिकारियों के कार्य की समीक्षा के दौरान कही।
डीसीपी ट्रैफिक ने उन्हें बताया कि क्रिटिकल कॉरिडोर टीम बनने के बनने के बाद से नवंबर माह में 26 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 13 घायल हुए हैं जबकि बीते वर्ष इसी नवंबर में 34 सड़क हादसे हुए थे। उनमें 23 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यानी हादसों में 23 फीसदी और घायलों की संख्या में 43 फीसदी की कमी आई है।
ऐसा इसलिए हुआ क्यों कि घायलों को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाया जा सका है। क्रिटिकल कॉरिडोर टीम के सदस्यों को प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध कराई गई है। यह भी काफी अहम साबित हो रही है। ट्रैफिक के आंकड़ों को देखने के बाद पुलिस कमिश्नर ने संतोष जाहिर किया।
नौबस्ता, पनकी, चकेरी एसीपी का प्रदर्शन सबसे खराब
अपराध गोष्ठी में एसीपी के कार्यों की समीक्षा में पाया गया सबसे खराब प्रदर्शन नौबस्ता, बाबूपुरवा, पनकी, चकेरी, कल्याणपुर के एसीपी का है। वह अपने क्षेत्रों में अपराध पर लगाम लगाने में सफल नहीं रह रहे हैं। ऐसे में सीपी ने इन सभी को प्रदर्शन सुधारने की नसीहत दी। वहीं, एसीपी बिल्हौर और घाटमपुर के काम की सराहना की गई। अपराध से तौबा कर चुके पुराने हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी बंद करने और नए शातिरों की हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए।