कानपुर। प्रेमनगर में रविवार रात बिजली के मीटर से निकली चिंगारी ने कारोबारी और उनके परिवार को खत्म कर दिया। यह घटना रात 8:25 बजे हुई और देखते ही देखते चिंगारी आग की भयानक लपटों में बदल गई। इसने भूतल से लेकर छठवीं मंजिल तक सब कुछ जलाकर राख कर दिया। आग और धुएं ने भवन को भट्ठी की तरह बना दिया था, जिसको शांत करने में अग्निशमन विभाग को नौ घंटे से अधिक का समय लगा। शहर के अलग अलग फायर स्टेशनों से फायर टेंडर बुलानी पड़ी। आग बुझाने में नौ फायर टेंडरों को पानी लेने के लिए 77 चक्कर लगाने पड़ेे। सोमवार की सुबह 5:35 बजे आग बुझ सकी। इस दौरान पांच लाख लीटर से ज्यादा पानी की बौछार की गई, तब जाकर आग ठंडी पड़ी। बता दें कि औसतन एक फायर टेंडर में 6500 लीटर पानी आता है।
पड़ोसियो के मुताबिक दानिश के घर की बिजली सुबह से गड़बड़ कर रही थी। शाम को उन्होंने बिजली कर्मी को बुलाकर गड़बड़ी ठीक कराने की कोशिश की। हालांकि माना जा रहा है कि गड़बड़ी ठीक नहीं हुई और इससे निकली चिंगारी पूरे परिवार के लिए काल साबित हुई। फायर कर्मियों के मुताबिक आग को फैलने से रोकने के लिए काफी कोशिश की गईं, लेकिन सफलता नहीं मिली। आग अंदर रखे जूतों तक पहुंच कर तेजी से फैल गई। रिश्तेदारों के मुताबिक जूते चिपकाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल के ड्रम अंदर रखे थे। उनमें पानी पड़ने से आग और ज्यादा तेजी से धधक उठी।
सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि आग की भयावहता को देखते हुए लाटूश रोड, फजलगंज, कर्नलगंज, पनकी, अर्मापुर, जाजमऊ, मंधना, मीरपुर और किदवईनगर फायर स्टेशनों से गाड़ियों को बुलाया गया। आठ घंटे से अधिक समय तक चले बचाव कार्य में 75 से ज्यादा कर्मी लगे। हाइड्रोलिक प्लेटफार्म और एक रेस्क-यू वाहन का भी इस्तेमाल हुआ।