रूरा। थाना क्षेत्र के गांव निवासी घायल किशोरी का शव लखनऊ में पोस्टमार्टम होने के बाद पैतृक गांव लाया गया। शव गांव आते ही परिजन में चीत्कार मच गई। परिजन ने रिश्तेदारों के आने का इंतजार करने की बात कहकर शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। वहीं गांव में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस तैनात रखा गया।
किशोरी का शव गांव पहुंचने से पहले एएसपी राजेश पांडेय, सीओ संजय सिंह, सीओ सिकंदरा प्रिया सिंह, एसडीएम डेरापुर सुरभि शर्मा समेत कई थानों की पुलिस पहुंच गई। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी शव आने पर परिवार को ढांढस बंधाया। साथ ही अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कराई। पिता व अन्य परिजन गांव के लोगों के साथ ऊसर भूमि में अंतिम संस्कार के लिए गड्ढा खोदने के साथ तैयारियां पूरी करने जुटे रहे। इसी बीच पिता ने शाम हो जाने और रिश्तेदारों के न पहुंचने की बात कह अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
बता दें कि रूरा थाना क्षेत्र की एक गांव निवासी किशोरी 10 अक्तूबर की रात को संदिग्ध हालत में घायल हुई थी। इस मामले में पिता ने 30 नवंबर को रूरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि 10 अक्तूबर की शाम को उसकी दोनों बेटी बाजार करके रूरा से लौट रही थीं। आगे आ रही बड़ी बेटी को आरोपी आशिक ने गली से अपने घर में खींचकर दुष्कर्म किया और मारपीट कर उसका मोबाइल तोड़ दिया। शाम को आरोपी व उसके पिता हबीब ने उनके साथ गाली-गलौज की। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई की थी। घायल किशोरी का लखनऊ के केजीएमयू में इलाज चल रहा था। बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
इधर गुरुवार को शव आने के बाद पिता फिर से कई आरोप लगाने लगा। उसने बताया कि बेटी ने परेशान होकर फंदा लगाया था, उसे न्याय चाहिए। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि आरोप के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा चुकी है। पिता ने रिश्तेदारों के आने की बात कह अंतिम संस्कार नहीं किया है। गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल तैनात किया गया है।