कानपुर। कानपुर प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में 20 साल से चल रही मॉर्निंग वॉक की सुविधा बंद कर दी गई है। इससे यहां सुबह टहलने आने वाले लोगों में निराशा है। लोगों ने इस बाबत निदेशक कन्हैया पटेल से मिलकर बात की तो उन्होंने शासन का हवाला देते हुए इसकी सुविधा देने से इन्कार कर दिया।
नवाबगंज निवासी 80 वर्षीय बीके शर्मा ने बताया कि वह कई वर्षों से चिड़ियाघर में मॉर्निंग वाॅक के लिए आ रहे थे। इसके लिए सुबह छह से आठ बजे तक समय निर्धारित था। वार्षिक एक हजार रुपये फीस ली जाती थी। उन्होंने पास भी बनवा रखा था। दो साल पहले यहां करीब 150 से अधिक लोग सुबह टहलने आते थे। चिड़ियाघर में दो माह पहले बर्ड फ्लू फैला तो इसे दर्शकों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। धीरे-धीरे हालात सही हुए पर मॉर्निंग वॉक पर रोक लगा दी गई। बर्ड फ्लू फैलने से पहले यहां करीब 20 लोग टहलने जाते थे। चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल ने बताया कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के निर्देशानुसार मॉर्निंग वॉक पर रोक लगाई गई है। यह आदेश पूरे प्रदेश के चिड़ियाघरों के लिए जारी किया गया है। शासन के आदेश का पालन किया जा रहा है। (ब्यूरो)