कानपुर। अभिनय और इससे जुड़े क्षेत्र में भविष्य तलाश रहे युवाओं के सपनों को उड़ान मिलेगी। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के संगीत विभाग में थिएटर विषय में बैचलर आफ परफॉर्मिंग आर्ट (बीपीए) का कोर्स शुरू हो गया है। कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं को नेशनल स्कूल आफ ड्रामा (एनएसडी) जैसा अभिनय हुनर सीखने को मिल सकेगा। बीपीए डिग्री वाले छात्रों के लिए कला उद्यमिता के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।
बीपीए थिएटर का कोर्स विश्वविद्यालय ने पहली बार शुरू किया है। विभाग की फैकल्टी डॉ. आशीष आत्रेय ने बताया कि वह एनएसडी में शिक्षक रहे हैं। यह डिग्री कोर्स तीन वर्ष का है। पहले वर्ष में छात्र-छात्राओं को अभिनय, निर्देशन, डिजाइन सिनोग्राफी, सेट की संरचना, सेट में इस्तेमाल होने वाले प्रतीकों के बारे में पढ़ाया जाएगा। छात्र विधा से संबंधित सभी बुनियादी जरूरतों को समझ सकेंगे। उन्हें बारीकियां बताई जाएंगी।
दूसरे वर्ष में उन्हें कला उद्यमिता के संबंध में बताया जाएगा। वह अभिनय क्षेत्र के एडवांस तरीकों के बारे में जान सकेंगे। उन्हें थिएटर प्रबंधन, सांस्कृतिक नीति और विधा में इस्तेमाल होने वाली अन्य तकनीकों के संबंध में बताया जाएगा। कोर्स के अंतिम वर्ष में छात्र-छात्राओं को थिएटर रिसर्च, प्रोडक्शन प्रबंधन के विभिन्न तरीकों, थिएटर उद्यमिता तथा कला क्षेत्रों में शोध कार्यों के संबंध में बताएंगे। उन्हें फिल्म मेकिंग, फिल्म प्रोडक्शन के संबंध में पढ़ाएंगे।
फिल्म मेकिंग के संबंध में विभाग की दूसरी फैकल्टी डॉ. सुंदर पाल पढ़ाएंगे। कला उद्यमिता जैसे थिएटर डिजाइन, कला शिक्षण कार्य समेत विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मीडिया, फिल्म उद्योग, स्क्रीन अभिनेता, स्कि्रप्ट राइटर, सहायक निर्देशक, आर्ट मैनेजर, क्यूरेटर, प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर बनने के साथ अपनी कंपनी भी स्थापित कर सकते हैं।
- बीपीए थिएटर-तीन वर्षीय डिग्री कोर्स है
- कोर्स में 20 सीटें हैं
- वार्षिक फीस 16200 रुपये है
- इंटर पास छात्र को प्रवेश मिलेगा