कानपुर। नगर निगम के ठेकेदारों की लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल रविवार रात को उस समय खुल गई जब तीन माह पहले सीसामऊ नाले के किनारे बनाई गई करीब 50 मीटर दीवार ढह गई। अधिकारी नाले के तेज बहाव से दीवार गिरने की संभावना जता रहे हैं जबकि इलाकाई लोग घटिया सामग्री उपयोग करने का आरोप लगा रहे हैं। कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी करके ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति की गई है।
करीब एक साल पहले ग्वालटोली में इसी सीसामऊ नाले में गिरकर एक बच्चा डूब गया था। इसके बाद महापौर प्रमिला पांडेय ने करीब 1.8 किमी लंबे सीसामऊ नाले के दोनों ओर दीवार बनवाने का आदेश दिया था। बजट स्वीकृत होने के बाद मेसर्स श्रीराम इंटरप्राइजेज को ठेका दिया गया। तीन माह पूर्व साढ़े तीन करोड़ रुपये से बकरमंडी से होते हुए जा रहे सीसामऊ नाले के दोनों ओर दीवार बनवाना शुरू किया गया था।
मकसद यह था कि शहरियों को नाले में गिरने या बारिश के समय हादसा होने से बचाया जा सके। रविवार रात बारिश के दौरान बकरमंडी ढाल पर करीब 50 मीटर की दीवार भरभरा कर ढह गई। इससे हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ जुट गई। जानकारी मिलने पर नगर निगम अभियंत्रण विभाग के मुख्य अभियंता एसएफए जैदी भी मौके पर पहुंचे। इलाकाई लोगों ने इस दीवार को बनाने वाली ठेकेदार कंपनी पर घटिया सामग्री का उपयोग करने का आरोप लगाया।
जोन- 4 की अधिशासी अभियंता मीनाक्षी अग्रवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान दीवार बनाने वाली कार्यदायी संस्था मेसर्स श्रीराम इंटरप्राइजेज की लापरवाही सामने आई है। नाले के साथ दीवार के नीचे की मिट्टी धंसने की बात सामने आई है। इसमें संस्था की लापरवाही है। कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी करके ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति की गई है।