कानपुर। महिला श्रमिकों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार मुहैया कराने में कानपुर जिला 11वें स्थान पर रहा। लगातार प्रयास के बाद भी नौ हजार महिलाओं को ही रोजगार मिल सका। सबसे खराब प्रदर्शन बरेली का रहा। यहां सिर्फ 21 महिला श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया जा सका। महिला मजदूरों को रोजगार देने में सिद्धार्थ नगर पहले नंबर पर रहा।
जिले में 1.20 लाख मजदूरों का मनरेगा कार्ड बना है। इनमें 70 से 75 हजार मजदूर ही काम करते हैं। करीब 20 हजार महिला मजदूर हैं। शासन की ओर से हर माह सीएम डैश बोर्ड के तहत महिला मजदूरों की प्रगति की रिपोर्ट जारी की जाती है। फरवरी माह में एक अप्रैल 2024 से पांच मार्च 2025 तक की प्रगति शासन ने जारी की है। जिला एक अंंक से टॉप टेन में शामिल होने से चूक गया। मनरेगा में ज्यादातर महिलाओं को काम देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के अन्य जिलों से इस माह कानपुर ने बेहतर प्रदर्शन किया।