कोयला नगर चौकी के सामने बना कट एक्सीडेंट प्वाइंट बन गया है। चकेरी से लेकर भौंती तक सिर्फ एक ही कट है, जहां से वाहन एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकते हैं, इसी कट से चकेरी से आने वाले वाहन भी इटावा की तरफ जाते हैं।
चकेरी पुलिस और क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि हाईवे का कट ही लोगों के लिए काल बन गया है। लोग शार्टकट के चक्कर में इधर से उधर जाने के चक्कर में हादसे का शिकार होते हैं।
पापा कब आएंगे...?
हादसे के बाद घर में सिर्फ प्रिंसी बची है। हादसे की सूचना मिलते ही मयंक की पत्नी सोनी तो रिश्तेदारों के साथ हैलट पहुंच गई। घर में सिर्फ अकेली बची प्रिंसी कुछ समझ नहीं पा रही थी कि क्या हो रहा है। एकदम से मोहल्ले के सैकड़ों लोग दरवाजे पर क्यों जमा हो गए।
रिश्तेदार क्यों रो रहे हैं, प्रिंसी के पूछने पर भी किसी ने उसे कुछ नहीं बताया। देर रात प्रिंसी बस यही पूछती रही कि बाबा और पापा कब आएंगे... मम्मी कहां चली गईंं। रिश्तेदारों ने प्रिंसी को संभाला लेकिन सब को रोता देखकर वह रोने लगी। उसे देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भीग गईं। कई महिलाएं तो चेहरा छिपाकर रोती रहीं।
एक गलती से खत्म हो गया परिवार
चकेरी हाईवे पर जाम से बचने के लिए उल्टी दिशा में कार चलाने की एक गलती से कमलेश त्रिपाठी का पूरा वंश ही खत्म हो गया। कार चला रहा मयंक, कमलेश का इकलौता लड़का था। कमलेश, उनकी पत्नी, बेटे मयंक की मौत के बाद परिवार में अब सिर्फ मयंक की पत्नी और सात साल की बेटी ही बची है।
देर रात हादसे की सूचना मिलते ही शहर से लेकर गांव तक सभी रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। हैलट में मोहल्ले, रिश्तेदार सहित सैकड़ों लोग पहुंचे। एक साथ पांच शव देखकर सभी का दिल दहल उठा।