मृतक लाइनमैन अखिलेश की मां और बच्चे।
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कानपुर। पनकी में फाल्ट ठीक करने के लिए पोल पर चढ़े लाइनमैन की करंट से चिपककर मौत हो गई। क्षेत्रीय लोग सीढ़ी लगाकर शव नीचे लाए। इसके बाद सबस्टेशन के बाहर शव रख ठेकेदार और केस्को के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। यह देखकर अधिकारी सब स्टेशन पर ताला लगाकर फरार हो गए। उधर, तीन लाइनमैन करंट की चपेट में आने से झुलस गए। तीनों का इलाज अलग-अलग हॉस्पिटलों में चल रहा है। केस्को कर्मचारी संघ ने रोजाना हो रहे हादसों पर विरोध जताया है।
पनकी बी ब्लाक निवासी अखिलेश तिवारी (30) ठेकेदार रजनीकांत के अंडर में केसा में काम करता था। अखिलेश की पत्नी मीनू दो साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। घर में मां शिवकली, बेटी रोशनी और बेटे कृष्णा और गोलू हैं। बृहस्पतिवार सुबह अखिलेश केसा के जेई राजकुमार के साथ ई-ब्लॉक में फॉल्ट ठीक करने गया था। पोल पर चढ़कर वह काम कर रहा था तभी लाइट आ गई। इससे अखिलेश तार से चिपककर रह गया। मौके पर पहुंचे एसीएम योगेंद्र कुमार ने ठेकेदार से चार लाख रुपये मुआवजा दिलवाया और कांशीराम योजना से एक आवास दिलाने का आश्वासन दिया है। मामले में जेई राजकुमार का कहना है कि फाल्ट को ठीक करने से पहले शटडाउन लिया गया था। अचानक लाइट कैसे आ गई इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है। जांच कराई जाएगी।
उधर, नवाबगंज सबस्टेशन के अंतर्गत आने वाले बीएस पार्क में लाइनमैन कपिल उर्फ सचिन करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। परिजनों ने स्वरूप नगर के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। वहीं किदवई नगर डिवीजन के खालिद बाबू भी फाल्ट मरम्मत के दौरान करंट की चपेट में आने से झुलस गए। बारादेवी चौराहे के एक निजी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। तीसरा हादसा चमनगंज स्बस्टेशन के कर्मचारी सुनील के साथ हुआ। सुनील का चमनगंज के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। तीनों सेफ्टी उपकरण के अभाव में बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर पर चढ़कर काम कर रहे थे। इसके बाद भी विभाग इनके इलाज और संसाधनों के लिए कुछ नहीं कर रहा है। परिजनों ने विभाग से इलाज का खर्च और स्थायी नौकरी की मांग की है।