कानपुर। ट्रस्ट की जमीन से जुड़े मामले की समीक्षा करने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल बुधवार दोपहर जूही थाने पहुंचे। चार साल पुराने इस मामले में अक्सर दोनों पक्ष पुलिस कमिश्नर कार्यालय में हाजिर होकर न्याय की गुहार लगाते हैं। पुलिस कमिश्नर ने बुधवार को दोनों पक्षों, विवेचक से उनके तर्क सुने।
पुलिस कमिश्नर दोपकर करीब साढ़े चार बजे जूही थाने पहुंचे। जहां उन्होंने पहले मामले के विवेचक और फिर वादी हिस्ट्रीशीटर अमित कुमार शर्मा और आरोपी भानु प्रकाश बाजपेई को सुना। उन्होंने पहले दोनों पक्षों को अलग-अलग और फिर आमने सामने बैठाकर उनके बयान दर्ज करवाए साथ ही उससे जुड़े दस्तावेज मांंगे। सभी से लगभग डेढ़ से दो घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान दक्षिण पुलिस उपायुक्त दीपेंद्र नाथ चौधरी, एडीसीपी योगेश कुमार व बाबूपुरवा एसीपी दिलीप सिंह भी थाने में मौजूद रहे। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि बार के महामंत्री राकेश तिवारी पर भानु प्रकाश बाजपेई ने आरोप लगाया था कि उनके कहने पर उन्हें जेल भेजा गया हालांकि आरोप साबित नहीं हुए। सीपी ने बताया कि राकेश तिवारी पर आरोप लगाते हुए बिठूर और नवाबगंज के दो लाेगों ने भी शिकायतें की है।
ये है मामला
किदवईनगर जी ब्लॉक निवासी अमित कुमार शर्मा के अनुसार उनका जूही खुर्द में 618 वर्ग गज का प्लाट है। उन्होंने वर्ष 2018 में भानु प्रकाश बाजपेई समेत नौ लोगों के खिलाफ कूटरचना कर फर्जी ट्रस्ट बनाकर इस प्लाट पर कब्जा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेेचना दोबारा हुई तो भानु प्रकाश बाजपेई को जेल भेजा गया। जबकि भाई ज्ञानू बड़ा अपराधी और हिस्ट्रीशीटर है। वहीं भानु ने भी न्यायालय के आदेश पर जूही थाने में अधिवक्ता अमित शर्मा, पिता हरिकिशन व मां मीणा के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट के आदेश में दोबारा विवेचना हो रही है।