डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया। वहीं हालत नाजुक देख पुलिसकर्मियों ने उसे उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। धर्मेंद्र ने बताया कोतवाली में पुलिसकर्मियों ने उन्हें छोड़ने के बदले 80 हजार रुपये मांगे। 30 हजार रुपये दे चुके हैं। बाकी पचास हजार की व्यवस्था न बनने पर सदमे से उनकी हालत बिगड़ गई।
कोतवाल बोले- युवक के आरोप बेबुनियाद
उन्होंने बताया कि उनके दिल में छेद है, जिसका दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा है। वहीं कोतवाल तारा सिंह पटेल ने कहा युवक के आरोप बेबुनियाद हैं। बीमारी का पता चलने पर उसकी मां पार्वती के सुपुर्द कर दिया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।