इंटरनेट की मदद से आईआईटी कानपुर के स्टूडेंट राहुल अग्रवाल ने अपनी कंपनी को महज दो साल में बुलंदी पर पहुंचा दिया।
वर्ष 2012 में खोली गई ऑनलाइन शापिंग कंपनी मेबेलकार्ट का सालाना टर्न ओवर आज दो से पांच करोड़ रुपये का है।
2011
में आईआईटी कानपुर से बीटेक करने वाले राहुल ने आईआईटी मुंबई के रंजीत
विमल और बिट्स पिलानी के निखिल सर्राफ के साथ मिलकर 2012 में मेबलकार्ट की
शुरूआत की थी।
मेबलकार्ट का मुख्य आफिस बंगलुरु में है। 10 से 15
लाख रुपये में शुरुआत करने वाले राहुल की कंपनी का टर्नओवर तीन से पांच
करोड़ रुपये पहुंच चुका है।
मौजूदा समय में कंपनी में 15 लोगों का
स्टाफ है। मेबेलकार्ट कंपनी का टाइअप फर्नीचर की कई बड़ी कंपनियों से है।
जिसमें नीलकमल, डूरियन, होम डेकोर जैसी कंपनियां शामिल है।
मेबलकार्ट
में फर्नीचर, बीनबैग, बेबी किड्स, डेकोर, किचन, डेकोरेशन के करीब 50 हजार
प्रोडक्ट है। मेबलकार्ट अपने फेसबुक पेज की मदद से भी लोगों के संपर्क में
है। डेकोर के करीब 11,950, फर्नीचर के 3620 आइटम उपलब्ध है।
मेबेलकार्ट के माध्यम से लेटेस्ट डिजाइन का फर्नीचर, डेकोरेशन आदि का सामान किफायती कीमत में खरीदा जा सकता है।
यह
कंपनी किसी भी ग्राहक को उसकी आवश्यकता के अनुसार फर्नीचर की बेहतर रेंज
उपलब्ध कराती है। एक हजार से ज्यादा प्रोडक्ट उपलब्ध कराने वाली कंपनी काम
समय में तेजी से उभरती कंपनी है।