सोमवार सुबह हल्की बारिश, तेज हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि न्यूनतम तापमान (रात की ठंड) ने पिछले 45 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के पास उपलब्ध 1971 के दस्तावेज से पता चलता है कि 26 अक्तूबर को इससे पहले न्यूनतम पारा इतना नीचे कभी नहीं गया। सोमवार को न्यूनतम पारा 16.3 फीसदी रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से करीब आठ डिग्री सेल्सियस कम है। मंगलवार को भी बारिश की संभावना है।
तापमान के उतार-चढ़ाव और क्षेत्रीय चक्रवात की वजह से सोमवार को बारिश हुई। 30 से 35 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। इससे दिन का तापमान लुढ़ककर 30.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यह भी सामान्य से कम है। इन दिनों सामान्य पारा 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है।
सीएसए के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में जबरदस्त बर्फबारी हो रही है। इन क्षेत्रों से होकर पूर्वी हवाएं मैदान इलाकों में आ रही हैं। इससे दिन और रात का पारा गिर गया है। यह सिलसिला मंगलवार तक चलेगा। पूर्वी हवाओं की वजह से ही बारिश की संभावना बनी है।