कानपुर। सरदार भगत सिंह व उनके साथी शिव वर्मा के डीएवी कॉलेज प्रवास के दौरान दादा सुखदेव का भी कानपुर प्रवास रहा। यह शहर देश में क्रांति की धुरी का केंद्र रहा है। यह बातें क्रांतिकारी सुखदेव के पौत्र अनुज थापर ने रविवार को खलासी लाइन स्थित शास्त्री भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहीं। कार्यक्रम सरदार भगत सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में गोल्डन क्लब ने आयोजित किया था।
उन्होंने कहा कि इसी शहर में उनके दादा सुखदेव ने क्रांति की दीक्षा ली। भगत सिंह ने बलवंत नाम से प्रताप प्रेस में गणेश शंकर विद्यार्थी के संरक्षण में पत्रकारिता की थी। इस दौरान गतका की प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित किया। प्रदर्शनी में क्रांतिकारियों की पुस्तकें, दुर्लभ तस्वीरें, पुराने समाचार-पत्र और सुभाष चंद्र बोस का बक्सा प्रदर्शित किया गया।
भगत सिंह के साथी रहे शिव वर्मा की पुत्रवधू कृष्णा वर्मा को कानपुर रत्न सम्मान और शिवम मालवीय को कानपुर आइकन अवॉर्ड दिया गया। विभिन्न क्षेत्रों में डॉ. कामायनी शर्मा, मनमोहन श्रीवास्तव, मुक्तेश्वर ओझा, डॉ. शरद बाजपेई, सुयश श्रीवास्तव, विनय आनंद, दीप सिंह, उमेश बाजपेई, उद्देश्य सचान, रजत आदित्य दीक्षित, दुर्गेंद्र चौहान और सौम्या टंडन को शान-ए-कानपुर सम्मान से सम्मानित किया गया। संस्थापक अनुज निगम ने क्रांतिकारियों की स्मृति में स्मारक बनाने की योजना की जानकारी दी।
समारोह में सेवानिवृत्त आईपीएस रतन श्रीवास्तव, डॉ. इंद्र मोहन रोहतगी, आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा, संजीव दीक्षित, डॉ. उमेश पालीवाल, गोल्डन क्लब के संस्थापक अनुज निगम, संरक्षक रवींद्र सिंह, शांतनु चैतन्य और भूपेश अवस्थी मौजूद रहे।