कानपुर देहात। जनपद में चार श्रेणी की कुल 115 सड़कें उखड़ी हैं। इन सड़कों के पैचवर्क के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की दरकार है। इधर करीब 30 लाख रुपये ही शासन से मिले हैं। वहीं, सितंबर अंत तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश हैं। माह के बचे 18 दिन में सड़कों की मरम्मत की चुनौती है।
जनपद में लोक निर्माण विभाग के दो खंड हैं और प्रति खंड पांच-पांच ब्लॉक की सड़कों का दायित्व हैं। बारिश से खराब हुई सड़कों का सर्वे पूर्व में कराया गया था। इसके आधार पर कुल 115 सड़कों की मरम्मत का प्रस्ताव बनाया गया। करीब 10 करोड़ रुपये की मांग शासन से की गई। इधर, धनराशि मिलने पर तुरंत काम शुरू हो सके इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पहले ही करा ली गई। अब ठेकेदार तय हैं।
शासन की ओर से दोनों खंडों में केवल 15-15 लाख रुपये की धनराशि दी गई है। यह जरूरत के हिसाब से कम है। इधर बीच-बीच में हो रही बारिश से उखड़ी सड़कों के पैचवर्क का काम प्रभावित है। इसी के बीच कई स्थानों पर कंक्रीट मिक्स से गड्ढे भरने का काम कराया गया है, लेकिन ऊपरी डामर की परत नहीं डाली गई है। रुक-रुक कर हो रही बारिश सड़क मरम्मत में आड़े आ रही है।
इधर, कई जगह सड़क पर पानी भरा है तो वहां मरम्मत कार्य की शुरुआत नहीं हो सकी है। राज्य राजमार्ग बेला विधूना मार्ग पर रसूलाबाद में करीब 18 किमी लंबाई में उखड़ी सड़क की मरम्मत जरूर करा दी गई है। इधर पांडु नदी की बाढ़ से पलिया बास खेड़ा-अंता मार्ग जलभराव से कई जगह खराब हो गया है। यहां सड़क अभी जलमग्न है। बता दें कि बीते शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश व बाढ़ से खराब हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कर आवागमन के योग्य बनाने के निर्देश दिए हैं।