डेरापुर। नुनारी बुजुर्ग स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में बृहस्पतिवार को सीबीआई की कार्रवाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। मरहना गांव निवासी किसान की शिकायत पर पहुंची सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने शाखा प्रबंधक गौरव वर्मा और बैंक मित्र राघवेंद्र नायक को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। इसके बाद देर रात तक बैंक के भीतर जांच और दस्तावेजों की पड़ताल चलती रही।
बताया जा रहा है कि मरहना गांव निवासी किसान ने दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत आटा चक्की लगाने के लिए वित्तीय सहायता का आवेदन किया था। आरोप है कि ब्याज सब्सिडी से संबंधित जरूरी दस्तावेज जारी करने के बदले शाखा प्रबंधक और बैंक मित्र ने 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे सीबीआई टीम बैंक पहुंची और ग्राहकों को बाहर कर दिया गया, जबकि कर्मचारियों के मोबाइल फोन कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू की गई। बैंक के अंदर किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। सूत्रों के मुताबिक, शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये लेते समय दोनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद सीबीआई टीम ने बैंक में मौजूद अभिलेखों की गहन जांच की। टीम देर रात तक शाखा में मौजूद रही और आवश्यक साक्ष्य जुटाने में लगी रही।
कार्रवाई की सूचना मिलते ही बैंक अधिकारी भी पहुंचे। आसपास के गांवों के लोग बैंक के बाहर जमा हो गए। देर रात तक लोग बैंक परिसर के बाहर खड़े होकर मामले की जानकारी लेने का प्रयास करते रहे और पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा। वहीं क्षेत्रीय प्रबंधक ने लीड बैंक मैनेजर राकेश कुमार को विभागीय जांच दी है। वहीं सीबीआई टीम जांच पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को अपने साथ लखनऊ ले गई।
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बरौर स्थित यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में नवंबर में हुई थी कार्रवाई
सीबीआई की लखनऊ टीम ने 14 नवंबर को बरौर शाखा में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से ऋण स्वीकृत करने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में शाखा प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। सीबीआई के अनुसार किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 1.20 लाख रुपये का तत्काल ऋण मंजूर करने के बदले सात हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और शाखा प्रबंधक अर्पित अवस्थी तथा फील्ड ऑफिसर शक्ति सिंह सेंगर को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया था। शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अब नुनारी बुजुर्ग बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में शाखा प्रबंधक और बैंक मित्र की गिरफ्तारी के बाद लोग बरौर बैंक रिश्वतकांड को याद कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ वर्षों के भीतर जिले में बैंकिंग सेवाओं से जुड़े रिश्वतखोरी के मामलों में सीबीआई की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।