कानपुर। नौबस्ता थाना क्षेत्र के हंसपुरम इलाके में मंगलवार रात खाली प्लाॅट में मिला शव मोहित गौतम (40) का निकला। वह बीते वर्ष नौबस्ता थाने में दर्ज मानव तस्करी कर राजस्थान में छह दिनों में दो बार किशोरी को बेचने के मामले का गवाह था। परिजनों का आरोप है कि बीते सप्ताह कचहरी में आरोपी पक्ष ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। उन्हीं पर मोहित की हत्या का आरोप लगाया है।
ऑटो चालक मोहित के भाई रोहित ने बताया कि 29 मार्च 2025 को हंसपुरम निवासी 16 वर्षीय किशोरी को इलाके का सौरभ मिश्रा बेहोश करके जयपुर ले गया था। वहां उसने गायत्री सामूहिक विवाह संस्था की संचालिका गायत्री को 2.5 लाख में किशोरी को बेच दिया था। गायत्री ने छह दिनों के भीतर किशोरी को शादी के नाम पर नारथम नाम के युवक को 3.5 लाख रुपये में बेचा था। पांच अप्रैल को किशोरी किसी तरह वहां से बचकर भाग निकली और परिजन को सूचना दी। इस पर परिजन ने नौबस्ता थाने में मानव तस्करी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले में पुलिस नौ अप्रैल को किशोरी को राजस्थान से साथ ले आई थी। पुलिस ने गायत्री और उसके कार चालक हनुमान सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सौरभ ने 11 मई को कोर्ट में सरेंडर किया था। पूरे प्रकरण में मोहित गवाह थे। रोहित का आरोप है कि आरोपियों ने इसी खुन्नस में उसकी हत्या की है। इंस्पेक्टर नौबस्ता बहादुर सिंह ने बताया कि मृतक के मुंह और नाक से खून निकल रहा था। जेब में मिले मोबाइल से परिजन को शव मिलने की जानकारी दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।