कानपुर देहात। ऊसर-बीहड़ में हरियाली उगे इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। पौधरोपण के लिए जमीन चिन्हित की जा रही है। वहीं नर्सरी में पौधे उगाए जा रहे हैं। इस बार मानसून आने पर वन विभाग ऊसर-बीहड़ में 21.61 लाख पौधे लगाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
हरियाली बढ़े ताकि पर्यावरण प्रदूषण कम किया जाए। यह शासन की प्राथमिकता में है। इसी क्रम में इसवर्ष मानसून आने पर वन विभाग को 21.61 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। वन विभाग 700 हेक्टेयर बीहड़ व 416.40 हेक्टेयर ऊसर में हरियाली उगाएगा। लक्ष्य के अनुसार भूमि चिह्नित की गई है। इसके साथ ही वन विभाग की 29 नर्सरी में पौधे तैयार किए जा रहे हैं। थैला भरान के साथ बीज बुआन हो रहा है। नर्सरी में तैयार हो रहे पौधों की स्थिति अधिकारी स्थलीय निरीक्षण कर जांच रहे हैं।
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ऊसर-बीहड़ हरा भरा करने के लिए तैयारी है। शासन से मिले लक्ष्य के अनुसार जमीन चिन्हित की गई है। नर्सरी में जरूरत के अनुसार पौधे तैयार किए जा रहे हैं। 19.29 लाख थैलों में मिट्टी व जैविक खाद मिश्रण का भरान हो गया है। बीज बुआन कराया जा रहा है। - एके पांडेय, डीएफओ
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कहां कितने लगाए जाते पौधे
डीएफओ ने बताया कि प्रति हेक्टेयर ऊसर भूमि में 2500 पौधे लगाए जाते हैं। वहीं बीहड़ भूमि में 1600 पौधे प्रति हेक्टेयर में उगाने का मानक है। इसमें प्रति हेक्टेयर में 400 पौधे रोपण कार्य किया जाता है। जबकि बोना नाली में बीज बुआन कर रोपे गए पौधों का तीन गुना पौधे उगाए जाते हैं।
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29 नर्सरी में 42.27 लाख पौधे उगाने का लक्ष्य
वन विभाग की 29 नर्सरी हैं। यहां हरियाली बढ़ाने के लिए जरूरत के थैलों में पौधे उगाए जाते हैं। बाद में मानसून आने पर इन पौधों को चिन्हित स्थानों पर लगाया जाता है। शासन से इस बार 42.27 लाख पौधे उगाने का लक्ष्य मिला है। इसमें 23.08 लाख पौधों का उगान हो गया है। जबकि 19.29 लाख पौधों को उगाने के लिए थैला में मिट्टी व जैविक खाद मिश्रण भरकर तैयारी कर ली गई है। इन थैलों में बीज बुआन कराया जा रहा है।