कानपुर। चिकनपॉक्स का अटैक अब दिमाग पर भी हो रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में भर्ती अजय (14) को देखकर डॉक्टर भी हैरान हैं। उसे 25 दिन पहले चिकनपॉक्स हुआ था। अब वह अर्द्धबेहोशी की हालत में है। आंखें खुल रही हैं लेकिन न तो किसी को पहचान पा रहा है और न ही कुछ बताने की स्थिति में है। डॉक्टरों का कहना है कि यह रेयर मामला है। फतेहपुर के कुर्रा निवासी अजय की मां ने बताया कि उसे बुखार के साथ शरीर पर दाने पड़ने लगे। कुछ दिनों तक लोगों के कहने पर पूजा-पाठ किया। हालत बिगड़ी तो टाट मिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान अजय बेहोश होने लगा तो परिजन उसे लेकर जीटीबी हॉस्पिटल रावतपुर आ गए। यहां भी इलाज से फायदा नहीं हुआ तो बाल रोग अस्पताल पहुंचे। विभाग के प्रो. जीएन द्विवेदी ने कहा कि चिकनपॉक्स के वायरस ने किशोर के ब्रेन पर अटैक किया है। ऐसे मामले रेयर होते हैं। चिकनपॉक्स के ज्यादातर मामलों में निमोनिया और हार्ट पर अटैक ही देखा जाता है। परिजनों ने पूजा-पाठ में ज्यादा समय गंवा दिया।
चिकनपॉक्स के लक्षण और उपचार
चिकनपॉक्स में शरीर में छोटे-छोटे दाने पड़ जाते हैं। सर्दी, जुकाम और बुखार होने के साथ शरीर दर्द से टूटता है। मरीज को लोगों से दूर रखें क्योंकि यह बीमारी एक से दूसरे में फैलती है। मरीज को ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाएं, सफाई का विशेष ध्यान रखें, ताजा खाना और जूस दें। डॉक्टर को जरूर दिखा लें। अंधविश्वास में न पड़ें।