फतेहपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल बूथों के नियम में बदलाव किए हैं। टोल बूथों से गुजरने वाले वाहन चालकों को अब चौबीस घंटे में वापसी करने पर मिलने वाली छूट की सुविधा शर्त पर तय कर दी गई है। अब केवल फास्टैग वालों को ही यह छूट मिलेगी।
नगदी वालों के लिए सुविधा बंद कर दी गई है। कानपुर-प्रयागराज सीमा पर लगे दोनों बड़ौरी टोल प्लाजा व कटोघन टोल बूथों में यह व्यवस्था गुरुवार से लागू कर दी गई। चौबीस घंटे में वापसी करने पर मिलने वाली छूट अब कैश की स्लिप पर नहीं मिलेगी।
साथ ही टोल प्लाजा के निर्धारित क्षेत्र में आने वाले गांवों के लोगों को जो छूट मिलती थी, वह भी फास्टैग से ही मिलेगी। अभी तक बड़ौरी टोल प्लाजा पर फतेहपुर आने-जाने के लिए 105 रुपये की स्लिप दी जाती थी। इससे वाहन चालक को 35 रुपये की बचत होती थी।
अब कैश लेन में जाने व आने के लिए 140 रुपये देने होंगे। यानी 35 रुपये का नुकसान वाहन चालक को होगा। टोल के 10 व 20 किमी के दायरे में वाहन चालकों को छूट देते हुए मासिक पास बनाए जाएंगे। यह पास भी फास्टैग में परिवर्तित करवाने होंगे। यह छूट कैश में नहीं मिलेगी।
यदि आपको कटोघन टोल से चार पहिया लेकर प्रयागराज की ओर निकलना होता है तो आपको करीब 120 रुपये देने पड़ते हैं। आपने बताया कि गाड़ी 24 घंटे के अंदर वापस होगी तो टोल कर्मी आपको रिटर्न पर्ची देते थे और इसके लिए केवल 60 रुपये अतिरिक्त चार्ज लेते थे।
ऐसे में कुल 180 रुपये में अप-डाउन हो जाता था। पंद्रह जनवरी से नए निर्देश मिलते ही व्यवस्था बदल गई है। अब यदि आपने टोल पर कैश पेमेंट किया और रिटर्न पर्ची मांगी तो वह आपको नहीं मिलेगी। यानी आपको आने और जाने के लिए 120-120 रुपये देने पड़ेंगे। जबकि यदि आपकी गाड़ी में फास्टैग कार्ड लगा हुआ है तो 24 घंटे के अंदर वापसी करने पर आपके खाते से केवल 180 रुपये ही कटेंगे। कटोघन टोल प्लाजा पर कुल आठ लेन बनाई गई हैं।
इसमें सभी पर फास्टैग रीडर लगे हुए है। टोल प्लाजा की ओर से दो लेन को कैश लेन विकल्प के रूप में रखा गया है। इस पर फास्टैग नहीं लगाने वाले वाहन आते हैं और कैश पेमेंट करते है। इस दौरान यदि फास्टैग लेन पर कोई वाहन चालक आता है और कैश देने की बात करता है तो नियमानुसार उससे दोगुना पैसा लिया जाएगा जो जुर्माने के रूप में होता है।
कैश देने वाले वाहन चालक फास्टैग लेन में न प्रवेश करें, इसके लिए टोल प्लाजा कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है जो चालकों को यह बताते रहते हैं कि कैश लेन किधर है और फास्टैग लेन किधर है। किसी को जल्दी निकलना है तो वह टोल टैक्स की धनराशि का दोगुना अदा कर फास्टैग लेन से निकल सकता है।
बड़ौरी टोल प्लाजा के प्रबंधक प्रदीप पाठक ने बताया कि अभी भी बहुत से वाहन मालिकों ने फास्टैग नहीं बनवाया है। कैश लाइन पर जाम जैसी स्थिति प्रतिदिन पैदा हो रही है। कुछ लोग पुराने ढर्रे पर चलते हुए झगड़े पर आमादा हो जाते हैं। टोल पर किसी प्रकार का विवाद न हो इसके लिए कल्यानपुर थाना प्रभारी निरीक्षक से सुरक्षा के लिए सिपाहियों की मांग की है। इस बारे में जिले के पुलिस कप्तान को भी अवगत कराया जा चुका है।