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ये है अातंक का कानपुर कनेक्शन, खाैफनाक हाेती जा रही ये सच्चाई

Wed, 08 Mar 2017 12:13 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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कानपुर आतंकवाद का केंद्र बनता जा रहा है। इस बात का सबूत अब तक यहां हुई कई घटनाओंं से मिल चुका है। बीते कुछ महीनों के भीतर ही आतंकियों ने यहां अपनी गतिविधि तेज कर दी है। इनका मकसद देश में खुशहाल माहौल को चीख पुकार में तब्दील करना है। यह बेहद खाैफनाक है। 
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ऐसी ही योजना होली पर भी तैयार की गई थी। लेकिन इसे मंगलवार को एटीएस ने नाकाम कर दिया। इस मौके पर आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश में जुटे थे। बता दें इससे पहले नए साल पर आतंकियों ने देश को एक बड़ा जख्म देने की कोशिश की थी। 
मगंलवार को कानपुर में हुई दो आतंकियों को गिरफ्तार से यह साफ हो गई कि एक बार फिर ऐसी ही कोशिश हो रही थी। एटीएस ने जिस आतंकी को पकड़ा उसके पास बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। आतंकी का नाम फैसल बताया जा रहा है। इसके अलावा इसके भाई इमरान को भी गिरफ्तार किया गया है।
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पुखरायां रेल हादसे में था आतंकियों का हाथ गौरतलब है पिछले साल पुखरायां रेल हादसे से भी आतंकियों के तार जुड़े होने की खबर सामने आई थी। हालांकि पहले इसे महज एक हादसा बताया जा रहा था। लेकिन बिहार पुलिस ने जो आशंका जताई थी उसके बाद एनआईए की जांच टीम ने इसे सही पाया था। पुखरायां रेल हादसे के बाद मोतिहारी में एक आतंकी पकड़ा गया था जिससे पूछताछ के बाद एनआईए की जांच टीम ने माना कि हादसे के पीछे आतंकी साजिश थी।
मालूम हो कि पिछले साल 20 नवंबर को पटना-इंदौर एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। इसमें 150 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। इस घटना में मोतिहारी पुलिस ने बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के दो युवक अरुण राम और दीपक राम हत्या की जांच में छह लोगों (उमाशंकर पटेल, मोती पासवान, मुकेश यादव, बृजकिशोर गिरी, मुजाहिद अंसारी और शंभू गिरी) को गिरफ्तार किया था।

जांच के बाद मोती पासवान ने स्वीकार किया कि अरुण और दीपक की हत्या इन लोगों ने इसलिए कर दी क्योंकि पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन में एक अक्टूबर को रेलवे ट्रैक पर बम ब्लास्ट करना था, जिसमें वे विफल रहे थे। बाद में शमसुल होदा का नाम सामने आया था।

मोती पासवान ने शमसुल को कानपुर में हुए रेल हादसों का मास्टर माइंड बताया था। शमसुल होदा नेपाल का रहनेवाला है और दुबई में बिजनेस करता है। सूत्रों के अनुसार होदा का पाकिस्तान के आईएसआई और दाउद इब्राहिम से भी संबंध है। पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन और कानपुर में इंदौर-पटना रेल एक्सप्रेस के पीछे नेपाल के शमसुल होदा का हाथ है।

कानपुर में रेल पटरी काटने की भी रची गई साजिश
यूपी के कानपुर में बीती 1 जनवरी को कानपुर कासगंज रेल ट्रैक पर बड़ा हादसा कराने की साजिश रची गयी थी। मंधना स्टेशन के पास रेल ट्रैक की पिंड्राल व क्लैम्प खोल दी गयी थी और पटरी को आरी से काटा गया था। रेल ट्रैक की पेट्रोलिंग कर रहे गार्डो की सजगता से हादसा होने से बच गया था।
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पहले भी पकड़े जा चुके हैं अातंकी 
कानपुर में यह पहला दफा नहीं है कि किसी वारदात में अातंकी कनेक्शन निकला हाे। इसके पहले भी कई बार यहां से अातंकी कनेक्शन हाेने की बात सामने अाई है। 
   
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