सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में दबोचा गया अमरोहा निवासी आतंकी मुफ्ती सोहेल चार महीने पहले लखनऊ आया था। वहां वजीरगंज इलाके में रहा था। साथ ही कुछ लोगों से टेरर फंडिंग को लेकर बातचीत की थी। उसी दौरान वह कानपुर भी आया था। सोहेल ने यहां जैकेट कारोबारी की आड़ में पांच लोगों से बातचीत की थी। इनमें तीन जैकेट कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं।
माना जा रहा है कि कानपुर से सोहेल को टेरर फंडिंग की जाती थी। इसके सुराग मिलने पर पुलिस ने शहर में एक गुप्त स्थान पर सोहेल से जुड़े लोगों से पूछताछ की। इन लोगों के नाम सोहेल से पूछताछ और उसकी कॉल डिटेल से एनआईए ने हासिल किए हैं। सूत्रों की मानें तो एनआईए और एटीएस टीम ने शहर में डेरा डाल रखा है। इस बारे में पुलिस और खुफिया के अफसर कुछ भी बोलने से बचते रहे।